Mon. Jun 8th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

पाकिस्तान में बाढ का कहर : अन्तरराष्ट्रीय सहयोग की अपील, क्या भारत से सहयोग लेगा पाकिस्तान ?

 

इस्लामाबाद.

 

पाकिस्तान में भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ ने कहर बरपा रखा है. फसल चौपट होने से फल-सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं. इस बीच पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने बुधवार को कहा कि सरकार अपने गठबंधन सहयोगियों और अहम हितधारकों से विचार-विमर्श करने के बाद भारत से खाने-पीने की चीजों के आयात के बारे में सोचेगी. नकदी संकट  से जूझ रहे पाकिस्तान में बाढ़ की वजह से हालात खराब हैं. खाद्य वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं. भारत से खाद्य वस्तुओं के आयात के बारे में वित्त मंत्री ने अपने विचार पहली बार सोमवार को जताए थे.

यह भी पढें   मोदी लामिछाने मुलाक़ात: भारत ने नेपाल के साथ सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई

इस्माइल ने ट्वीट किया, ‘एक से अधिक अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने सरकार से संपर्क करके जमीनी सीमा के रास्ते भारत से खाद्य वस्तुएं लाने की इजाजत मांगी है. आयात को मंजूरी देने के बाबत फैसला आपूर्ति की कमी को देखते हुए लिया जाएगा. इससे पहले गठबंधन सहयोगियों और महत्वपूर्ण हितधारकों से बात की जाएगी.’ इस बीच, पाकिस्तान ने प्याज और टमाटर ईरान और अफगानिस्तान से मंगवाने का फैसला किया है.

इससे पहले इस्माइल ने इस हफ्ते ऐसा संकेत दिया था कि मूल्यों में स्थिरता लाने के लिए सरकार भारत से आयात की इजाजत दे सकती है. हालांकि, ऐसी संभावना कम ही है कि गठबंधन सरकार ऐसा कोई कदम उठा पाएगी.

यह भी पढें   नशीली दवा दोनो देशों की युवा के लिए अभिशाप - महेंद्र यादव

दरअसल, पाकिस्तान में अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचा रखी है. अब तक की सूचना के मुताबिक 1100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. देश की आबादी का सातवां हिस्सा विस्थापित हो गया है. शुरुआती अनुमान के मुताबिक कम से कम 10 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. बाढ़ के चलते खेतों में खड़ी फसलें तबाह हो गई हैं. इस लिहाज से कुछ समय बाद वहां खाने-पीने की वस्तुओं की किल्लत हो सकती है. बाढ़ के कारण बलूचिस्तान, सिंध और दक्षिण पंजाब से सब्जियों की सप्लाई बाधित हो गई है और इनकी कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं.

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *