कला का अनुरागी हूँ, राजनीति में आने के कारण इसपर ध्यान नहीं दे पाया– प्रधानमन्त्री प्रचण्ड
काठमांडू, ९ असार
प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने कहा है कि स्वयं मैं भी कविता और साहित्य का अनुरागी हूँ ।
नेपाल प्रज्ञा–प्रतिष्ठान के ६६ वेँ वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आज राष्ट्रीय कविता महोत्सव कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए प्रधानमन्त्री प्रचण्ड ने कहा कि साहित्यप्रति तिव्र अभिरुची होने के बाबजूद राजनीति में आने के कारण से इसमें ध्यान केन्द्रित नहीं कर सका । उन्होंने कहा कि काम से पूmर्सत ही नहीं मिलती है । उन्होंने कहा कि ‘मैं भी कविता साहित्य कला का अनुरागी हूँ । मुझे साहित्य के प्रति तिब्र अभिरुची तो है लेकिन राजनीति में आने के बाद इस ओर कभी ध्यान गया ही नहीं ।
उन्होंने कहा कि प्रज्ञा प्रतिष्ठान के वर्तमान नये नेतृत्व की ओर से जो प्रस्ताव सरकार के समक्ष आए हैं उन प्रस्तावों के प्रति सरकार सकारात्मक है । प्रधानमन्त्री प्रचण्ड ने कहा कि –नेपाली समाज की सामाजिक संरचना और राजनीतिक व्यवस्था में हुए परिवर्तन को संस्थागत करने के लिए सांस्कृतिक रुपान्तरण के अभियान को आगे बढाना जरुरी है ।

