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29 अक्टूबर की रात मां लक्ष्मी भ्रमण पर निकलती है

 

शास्त्रों में शक्ति स्वरूपा मां लक्ष्मी की उपासना धन व वैभव पाने की इच्छा पूरी करने के साथ ही दरिद्रता और कलह नाश करने वाली भी बताई गई है। खासतौर पर हिन्दू माह आश्विन की पूर्णिमा तिथि धन और ऐश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी की उपासना से सुख-समृद्धि की कामनापूर्ति के लिए अचूक मानी जाती है। माना जाता है कि इस दिन रात को मां लक्ष्मी भ्रमण पर निकलती है व किए गए पूजा उपायों से प्रसन्न होकर भक्त पर सुख-समृद्धि के रूप में कृपा बरसाती है।

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दरअसल, धन, धर्म और कर्तव्यों के पालन का भी मजबूत जरिया माना गया है। इससे ही अहम जरूरतों पूरी होने के साथ मान-सम्मान, यश व प्रतिष्ठा पाने की राह आसान भी होती है।

अगर आप भी पारिवारिक जीवन या कारोबार, नौकरी में ज्यादा धन लाभ चाहते हैं या आर्थिक परेशानियों को दूर करने की कवायद में हैं तो शरद पूर्णिमा (29 अक्टूबर) की रात नीचे लिखे लक्ष्मी मंत्र का स्मरण बहुत ही शुभ व लाभदायक होगा।

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यथासंभव शाम या रात ही नहीं, सुबह भी इस मंत्र से मां लक्ष्मी का ध्यान कर लाल गंध, लाल अक्षत, लाल फूल, दूध की मिठाई या खीर का नैवेद्य अर्पित कर पूजा करें – “भवानि त्वं महालक्ष्मी: सर्वकामप्रदायिनी। सुपूजिता प्रसन्ना स्यान्महालक्ष्मि नमोस्तुते।। नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरिप्रिये। या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा में भूयात् त्वदर्चनात्।।” ध्यान व पूजा के बाद लाल आसन पर पूर्व दिशा में मुख कर बैठ मां लक्ष्मी के इस सरल मंत्र का यथाशक्ति जप करें। बाद आरती करें – “पुत्रपौत्रं धनं धान्यं हस्त्यश्वादिगवेरथम् प्रजानां भवसि माता आयुष्मन्तं करोतु मे।”

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