9
September , 2010
Thursday
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काठमांडू- राजधानी के त्रिपुरेश्वर स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर हाँल में २४ दिसंबर को ‘प्रस्तावित वीरगंज विश्वविद्यालय का औचित्य और भूमिका’ विषय पर अन्तरक्रिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए वीरगंज विश्वविद्यालय अध्ययन कार्यदल के संयोजक प्रो. डा. लोकनारायण झा ने कहा कि २०५९ साल से अभी तक हमलोग प्रस्तावित वीरगंज विश्वविद्यालय को लेकर विभिन्न चरणों में अन्तरक्रिया कार्यक्रम का आयोजन करते आ रहे है । इस दौरान कहीं से कोई दूसरा प्रस्ताव नहीं आया बल्कि अब वीरगंज से नया एवं दूसरे नाम का प्रस्ताव आ रहा है । लेकिन हम लोगों का कार्यदल जब भी अन्तरक्रिया कार्यक्रमों का प्रतिवेदन सरकार को सौंपेगा तो वह प्रस्तावित वीरगंज विश्वविद्यालय के पक्ष में ही होगा । यहाँ बता दें कि वर्ष२०५९ में ही वीरगन्ज विश्वविद्यालय का शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग में भी प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था । डा. झा ने जोर देकर कहा कि यू.जी.सी. में इस अन्तरक्रिया कार्यक्रम का विचार विमर्श कर जल्द से जल्द हमलोगों का कार्यदल का प्रतिवेदन शिक्षा मंत्रालय में भेजा जाएगा ताकि आगे की कारवाई में विलम्ब न हो । क्योंकि इस कार्यदल की बढायी हर्इ समय सीमा -१४ दिन) भी समाप्त हो रही है । कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए नेपाल सरकार के बिना विभागीय मंत्री लक्ष्मणलाल कर्ण्र् कहा कि दूसरे देश के शहरों के गली-गली में जब विश्वविद्यालयों हो सकते है तो हमारे देश के प्रमुख शहर वीरगंज में विश्वविद्यालय क्यों नहीं हो सकता है । लेकिन हम चाहते ह कि वीरगंज समेत देश के प्रमुख शहरों में विश्वविद्यालय खुले ताकि अपने यहाँ उच्च शिक्षा का समग्र विकास हो सके । उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए वर्तमान सरकार ने बजट में एक करोड रुपये का विनियोजन किया है । लेकिन बजट का प्रस्तावित रकम उसी विश्वविद्यालय के निर्माण में खर्च होना चाहिए । यदि वीरगंज स्थित ठाकुर राम बहुमुखी कैम्पस को भी विश्वविद्यालयका दर्जा दिया जाता है तो सरकार उस में भी सहयोग करें, हम यही चाहते हैं ।

प्रस्तावित वीरगन्ज विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो.डा. भगवानप्रसाद यादव ने कहा कि वीरगंज विश्वविद्यालय के लिए रौतहट, बारा और पर्सर् सम्पर्ण् जिलावासियों ने आर्थिक सहयोग दिया है । जनता से प्राप्त करीब २ करोडÞ २५ लाख की राशि कुमारी बैंक में जमा है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय के लिए वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ, पर्सर् २० बिगहा तथा अन्य लोगों ने भी अपनी भूमि देने की बात कही है । अन्त में डा. यादव ने जोर देकर कहा कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय का निर्माण छात्र-हित में अतिआवश्यक है । मौके पर विभिन्न दलों के सभासद एवं नेतागण उपस्थित थे । उपस्थित गण्यमान्य लोगों में गोपाल ठाकुर, रामसहाय यादव, अजय चौरसिया, अजय द्विवेदी, रामचन्द्र प्यासी, रमेश रिजाल, अब्दुल कलाम, शशि कपूर खान, निजामुद्दीन अंसारी, गोपाल केडिया, उदय कर्ण्र्ाारामचन्द्र साह, शम्भू हाजरा, बबन सिंह, वीरगंज विश्वविद्यालय अध्ययन कार्यदल के सदस्य डा. गोपिन्द्र पौडेल, रामप्रसाद दवाडी एवं सदस्य सचिव डम्बरलाल श्रेष्ठ भी थे । कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यदल के संयोजक प्रो.डा. लोकनारायण झा ने की जबकि संचालन उदयराज तिवारी ने किया ।

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