पुरा क्याविनेट को ही जेल मे डालना परेगा : उपेन्द्र
२२ पुस, काठमाडू । नेपाली कांग्रेस के नेता सुजाता कोइराला ने दावी किया है कि उनके पार्टी सभापति सुशील कोइराला प्रधानमन्त्री पद के उमेदवारी फिर्ता लेने को तैयार हैं ।
सभापति कोइराला कभी भी प्रधानमन्त्री पद के लिये इच्छुक नही थे उन्होने एमाले के दबाव मे आकर उम्मेदवारी दिया है । रिपोर्टर्स क्लब नेपाल व्दारा आइतबार को आयोजित साक्षात्कार मे कोइराला ने कहा कि एमाओवादी और काग्रेस को मिलकर देश को सकंट से बाहर निकालना चहिये। कोइराला के अनुसार गृहमन्त्रालय लेकर कांग्रेस को अभी के सरकार मे सामिल हो जाना चहिये । यह बात उन्होने तब कही है जब कि उनके पार्टि के नेता प्रधानमन्त्री की इस्तिफा मांग रहे है ।
साक्षात्कार मे प्रधानमन्त्री के प्रमुख राजनीतिक सल्लाहकार देबेन्द्र पौडेल ने कहा कि वर्तमान सरकार को ही सहमति का स्वरुप देकर निर्वाचन मे जाना अभी की आवश्यकता है। उन्हो ने कहा कि २५ गते तक अगर सहमति नही हुइ तो संविधानसभा की पुनःस्थापना मे जाना उचित होगा। पौडेल ने कहा कि अगर प्रधानमन्त्री भट्टराई का नेतृत्व स्वीकार नही हुआ तो कोइराला का नेतृत्व भी स्विकार्य नही होगा ।
एमाले के प्रचार विभाग प्रमुख प्रदिप ज्ञावलीले ने कहा कि माओवादी निर्वाचन नही कराने की राणनीति के साथ आगे बढ रहा है।
पुरा क्याविनेट को ही जेल मे डालना परेगा : उपेन्द्र
मधेसी जनअधिकार फोरम नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने कहा कि देश को शंकट से बाहर लाने के लिये राष्ट्रपति को कोइ ठोस कदम उठाना चहिये अथवा सभी दलों को आन्दोलन मे जाना चहिये । ऊन्होने कहा कि अगर अभी सरकार भ्रष्टाचार की जाँच करे तो पुरा क्याविनेट को ही जेल मे डालना पडेगा ।
नेकपा-माओवादी के सचिव देबप्रसाद गुरुङ ने कहा कि अगर दलों के वीच सहमति नही हो सकी तो राष्ट्रपति व्दारा जेठ १४ का संविधानसभा विघठन और नयाँ निर्वाचन का सरकार व्दारा की गयी घोषणा को वदर कर देना चहिये ।

