कोरोना कहरः ७७ प्रतिशत गैर आवासीय नेपाली स्वदेश वापस होना चाहते हैंः एनआरएनए
काठमांडू, १४ अप्रिल । एक तथ्य सामने आया है कि विश्व के विभिन्न देशों में रहे गैर आवासीय नेपाली अपने ही देश नेपाल वापस होना चाहते हैं । गैरआवासीय नेपाली संघ (एनआरएनए) द्वारा किया गया एक अध्ययन से इस बात की पुष्टि हुई है ।
कोभिड–१९ द्वारा सिर्जित प्रभाव संबंधी विषय को लेकर गत आइतबार से एनआरएनए की पहल में एक हेल्पलाइन फोन सेवा शुरु की गई है, जो पूरा २४ घंटों के लिए खुला है । संघ के महासचिव हेमराज शर्मा ने कहा है कि हेल्पलाइन में फोन करनेवालों में से अधिकांश (७७ प्रतिशत गैर आवासीय नेपाली) ने कहा है कि वह नेपाल वापस होना चाहता है । फोन करनेवालों ने नेपाल आपसी के लिए आवश्यक प्रबन्ध के लिए भी संघ को आग्रह किया है ।
हटलाइन में प्राप्त सूचना अनुसार ७७ प्रतिशत नेपाली नेपाल आना चाहते हैं और ११ प्रतिशत विदेश (अन्य देश) जाना चाहते हैं । १२ प्रतिशत गैर आवासीय नेपाली ने अन्य समस्या को लेकर फोन किया है । विशेषतः मध्यपूर्व में रहनेवाले नेपाली स्वदेश वापस होना चाहते हैं । उन लोगों का कहना है कि कोभिड–१९ के कारण रोजगारी नहीं है, जो कंपनी में काम करते थे, उसमें इस्तिफा भी पंजीकृत हो चुकी है ।
महासचिव शर्मा ने कहा कि सोमबार शाम तक की तथ्यांक अनुसार भारतीय शहर मुम्बई, हैदरावाद, नैनिताल, हरियाणा, नयां दिल्ली में रहनेवाले नेपाली सबसे अधिक पीडा में हैं । इसीतरह युएई, भारत, मलेसिया, साउदी अरब, दक्षिण कोरिया, मोजाम्बिक, फिनल्याण्ड, अमेरिका, युके निवासी नेपाली ने भी हेल्पलाइन में फोन कर स्वदेश वापसी के खातिर सहयोग के लिए आग्रह किया है ।

