विश्व के कुंडली पर कालसर्प योग का दुष्प्रभाव : आचार्य राधाकान्त शास्त्री
अचार्य राधाकान्त शास्त्री, 24 अप्रैल 2020 । काल चक्र के अनुसार 8 फरवरी 2020 शनिवार से विश्व के कुंडली मे लगे कालसर्प योग 16 जुलाई 2020 तक विशेष रूप से प्रभावी रहेगा, जिसके कारण मनुष्य और संक्रमण के बीच में भयानक युद्ध होगी, जो चल रही है और विश्व को विशेष आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है ।
ग्रह दशा का मध्य काल का 90 दिन विशेष चिन्ताजनक एवं आपदा दायक है। जो 15 मार्च से 15 जून तक प्रभावी है, पुनः अगले 90 दिन में क्रमशः 15 जुलाई, 15 अगस्त और 15 सितंबर तक 3 चरणों मे धीरे धीरे संक्रमण एवं महामारी समाप्त हो जाएगी।
इस अवधिकाल मे सबको अपने राष्ट्र सुरक्षा हेतु विशेष सावधानी के साथ एकांत वास पूर्वक समाज से दूरी बनाते महादेव एवं राहु केतु का जप, पूजन का अपने घरों में अनुष्ठान करना आवश्यक एवं लाभकारी होगा ।
मध्य के 90 दिनों में अचानक इस बीमारी में विस्फोट होगा जिसमें कई देश इसमें समा जाएंगे। इसमें वही सुरक्षित रहेगा जो घर में भगवान के सहारे रहेगा । अन्यथा सब कुछ खत्म हो जाएगा।
31 मई तक विश्व की 80 पर्सेंट आबादी वायरस से ग्रसित हो जाएगी और विश्व की 20 पर्सेंट आबादी इससे खत्म हो सकती है।
31 मई से इसमें सुधार होने लगेगा जो 15 सितम्बर तक चलेगा। इस प्रकोप का अंतिम मौत 15 सितम्बर तक संभव है। उसके बाद यह आपदा पूर्णतया खत्म हो जाएगी । परंतु इसके बाद कई देश भुखमरी से ग्रसित हो जाएंगे, चोर एवं असमाजिक तत्व लूटपाट मचाएंगे, जिससे कई देश अपनी सुख शांति एवं समृधि वर्चस्व खो सकते हैं।
अतः सभी संतों, सामाजिक लोगों, सज्जनों एवं आचार्यों से हमारी कर बद्ध प्रार्थना है कि इस विश्व संकट से अपने बंधु बांधव सहित राष्ट्र को बचाने के लिए अपने घरों में महादेव एवं राहु केतु का मंत्र जप का अनुष्ठान आरम्भ करें / करावें ।
कृपया सभी ब्राह्मण अपने सभी यजमानों एवं राष्ट्र के सुरक्षा के लिए अपना अधिकतम समय भगवान के आराधना में दें और अपने घर पर ही रहें, भगवान सबका सभी मार्ग सुगम कर सबका कल्याण करेंगे ।

