काठमांडू महानगरपालिका–१४ द्वारा पत्रकार महासंघ काठमांडू शाखा को ५०० केजी चावल सहयोग
काठमांडू, ६ मई । काठमांडू महानगरपालिका वार्ड नं. १४ के वडाध्यक्ष शोभा सापकोटा ने नेपाल पत्रकार महासंघ काठमांडू शाखा को ५०० केजी चावल, दाल लगायत स्वास्थ्य सामाग्री सहयोग स्वरुप हस्तान्तरण किया है । मई ५ मंगलबार के दिन महासंघ शाखा कार्यालय भृकुटीमंडप में आकर उन्होंने महासंघ के अध्यक्ष शान्ताराम बिडारी को चावल लगायत मास्क और सेनिटाइजर हस्तान्तरण किया । प्राप्त सामाग्री को महासंघ की ओर से विभिन्न संचार माध्यम में कार्यरत पत्रकारों को वितरण किया गया है ।
कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए वडाध्यक्ष सापकोटा ने कहा कि व्यवसायी पवन अग्रवाल की ओर सहयोग स्वरुप प्राप्त चावल लाकर उन्हों ने पत्रकार महासंघ को हस्तान्तरण किया । वडाध्यक्ष सापकोटा को यह भी कहना है कि कोरोना वायरस से सिर्जित परिस्थिति में जनता को सुसूचित करने के लिए अग्रमोर्चा में परिचालित पत्रकारों को भूखें रहना ना पड़े, इसी उद्देश्य के साथ राहत सामाग्री प्राप्ति के लिए उन्होंने पहल किया । उन्होंने यह भी कहा कि अगर काठमांडू में रहनेवाले पत्रकार आर्थिक समस्या के कारण ही अपने जिम्मेदारी ठीक से नहीं कर पा रहे हैं तो आगामी दिनों में भी वह सहयोग के लिए तैयार हैं ।

इसीतरह कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए महासंघ के अध्यक्ष बिडारी ने कहा है कि नेपाल में अधिकांश पत्रकार आर्थिक रुप में कमजोर है, लकडाउन का प्रभाव उन लोगों में भी पड़ रहा है । उन्होंने आगे कहा– ‘इसीलिए आर्थिक रुप में कमजोर पत्रकारों को सहयोग करने की उद्देश्य से महासंघ ने जनप्रतिनिधि तथा व्यवसायियों को सहयोग के लिए आग्रह किया है । महासंघ की अगुवाई में की गई पहल में विभिन्न दाताओं की ओर से प्राप्त राहत सामाग्री को ही उन्होंने पत्रकारों को हस्तान्तरण किया है ।
महासंघ के सचिव मोहन पन्त ने हिमालिनी से कहा कि अभी तक १५० से अधिक पत्रकारों को राहत समाग्री प्रदान हो चुका है और सहयोग मांगते हुए आनेवाले पत्रकारों को सहयोग प्रदान करने की शीलशीला भी जारी है । उन्होंने यह भी कहा है कि आगामी दिनों में भी पत्रकार किसी भी प्रकार की संकट में ना पड़े, इसी उद्देश्य के साथ महासंघ काम कर रही है । सचिव पन्त को यह भी कहना है कि नेपाल पत्रकार महासंघ काठमांडू शाखा में सबसे अधिक लगभग १६०० पत्रकार आबद्ध हैं, उसके तुलना में विभिन्न दाताओं से प्राप्त सहयोग सामाग्री पर्याप्त नहीं है, तब भी आर्थिक रुप में संकट में पड़े पत्रकारों को राहत दिलाने की प्रयास जारी है ।

