६ दशक से भारत सीमा विवाद को अनदेखा कर रहा है, अब सत्य को स्वीकार करना होगाः थापा
काठमांडू, २१ मई । राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) के अध्यक्ष कमल थापा ने कहा है कि नेपाल–भारत बीच रहे सीमा विवाद को भारत ६ दशक से अनदेखा कर रहा है । उन्होंने यह भी कहा है कि लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेक नेपाल का है, इस सत्य को अब भारत को स्वीकार करना होगा ।
अध्यक्ष थापा ने अपने ट्वीटर में लिखे हैं कि नेपाल ने ६ दशक से भारत के साथ सीमा विवाद संबंधी मुद्दा को उठाया है, लेकिन भारत अनदेखा कर रहा था । उन्होंने कहा है कि सन् १८१६ में सम्पन्न संधी के अनुसार काली नदी से पूर्व का लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेक नेपाल की भूमि है । पूर्व उपप्रधानमन्त्री तथा गृह मन्त्री भी रहे थापा ने भारतीय सेना प्रमुख द्वारा व्यक्त अभिव्यक्ति को भी खण्डन किया है ।
अध्यक्ष थापा ने कहा है– ‘दो देशों के बीच सम्पन्न समझदारी के विपरित भारत ने नेपाली भूमि को अतिक्रमण कर सडक निर्माण किया है, जिसके चलते समस्या और भी जटिल बन गई ।’ उन्होंने आगे कहा है– ‘हम लोग अपने राष्ट्रीय अखण्डता रक्षा के लिए पहल करने में बाध्य हो गए हैं । नेपाल के ऊपर आरोप लगाने का काम बंद किया जाए ।’
अध्यक्ष थापा ने यह भी कहा है कि उल्लेखित भूमि नेपाल की है, इसके लिए नेपाल के पास तथ्य और प्रमाण है और भारत के साथ विचार–विमर्श के लिए नेपाल तैयार है । उन्होंने कहा है– ‘हम लोग तथ्य और प्रमाण के आधार में समस्या का समाधान चाहते हैं ।’


