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दक्षिणपूर्व एशियाई देशों ने दक्षिण चीन सागर को लेकर दी चेतावनी

 

दक्षिणपूर्व एशियाई (आसियान) देशों ने दक्षिण चीन सागर में आक्रामक गतिविधियों को लेकर चीन को चेताया है। ऑनलाइन आसियान सम्मेलन में शुक्रवार (26 जून) को एकजुटता दिखाते हुए वियतनाम और फिलीपींस ने कहा कि कोविड-19 के संकट के दौरान कोई भी देश दक्षिण चीन सागर में खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों को बढ़ावा न दे।

वियतनाम और फिलीपींस विवादित दक्षिण चीन सागर में चीन की एकतरफा कार्रवाई कर द्वीपों पर नियंत्रण की कोशिश को लेकर पहले ही विरोध दर्ज करा चुके हैं। फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो ड्यूटर्टे ने कहा, “जब हमारा क्षेत्र कोरोना संकट से जूझ रहा है, तो कुछ देश दक्षिण चीन सागर में खतरा पैदा करने वाली कार्रवाई कर रहे हैं। हम अनुरोध करते हैं कि सभी देश अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करें।”

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चीन द्वारा दक्षिण चीन सागर में विशेष आर्थिक जोन का दायरा बढ़ाने के बीच अमेरिका से उसे पड़ोसी मुल्कों के प्रति धौंस जमाने वाले रवैये से दूर रहने को कहा है। वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक ने कहा, “चीन पर परोक्ष तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि वैश्विक संकट के दौरान अंतरराष्ट्रीय कानूनों और परंपराओं को चुनौती दी जा रही है। दक्षिण चीन सागर समेत क्षेत्र में राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक माहौल को खराब करने का प्रयास हो रहा है।”

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आसियान ने दक्षिण चीन सागर पर एकजुटता प्रदर्शित की जोकि लंबे समय से जारी प्रतिद्वंदिता और विवादों से घिरा हुआ है, खासतौर पर दक्षिण चीन सागर में जहां इसके चार सदस्य वियतनाम, फिलीपीन, मलेशिया और ब्रुनेई दुनिया के सबसे व्यस्त जलमार्गों में से एक पर चीन के दावे के विरोध में हैं। बीजिंग और वाशिंगटन के प्रभाव के कारण भी इस क्षेत्र में तनातनी जारी है। जानकारों के मुताबिक चीन का दबदबा कम करने के लिए अमेरिका दक्षिण चीन सागर में टक्कर का मन बना चुका है।

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