विश्व हिन्दू महासंघ नेपाल द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूजा स्थलों को खोलने की मांग
आज विश्व हिन्दु महासंघ ने एक प्रेस बिज्ञप्ति जारी कर सरकार के गैरजिम्मेवार रवैया और हिन्दुयों की आस्था पर हो रहे निरन्तर प्रहार पर कडा प्रतिक्रिया जताया है, विश्व हिन्दु महासंघ की महासचिव अस्मिता भण्डारी द्वारा हस्ताक्षरित उक्त प्रेस-बिज्ञप्ति मे कहा गया है कि ,”संसारका एक मात्र हिन्दु अधिराज्य पहचान वाले हमारे देश में संसार भरके सनातन हिन्दु ओमकार परिवार की आस्था को देश समझते हुए भी राजनीति दल के कुछ ब्यक्तिवादी नेताओं ने विदेशी शक्तिओं के प्रलोभन मे धर्मनिरपेक्ष कर हिन्दु धर्मावलम्बियों की भावना को गम्भीर ठेस लगाया है, धर्मनिरपेक्षता के विरुद्ध सम्पूर्ण हिन्दु ओमकार परिवार एकजुट हैं ।
हाल कोभिड १९ के कारण लम्बे समय से लकडाउन और निषेधाज्ञा जारी कर सम्पूर्ण मठ, मन्दिर, देवस्थलहरू बन्द किया गया है, साथ ही कोरोना का ही बहाना बना बहुभाषिक, बहुजातीय, बहुसांस्कृतिक हमारे राष्ट्र मे सम्पन्न होते आरहे परम्परागत देवी देवताओं का जात्रा पूजा समेत रोकने का दुष-प्रयास नेपाल सरकार से होते आ रहे कु-कृत्य प्रति हमारा घोर-आपत्ति है । आश्विन १ गते से बजार, यातायात तथा सम्पूर्ण कारोबार खुला करने के बाद भी आराध्यदेव भगवान् श्रीपशुपतिनाथ, माता जानकी लगायत विभिन्न शक्तिपीठ, सम्पूर्ण मठ मन्दिर, गुम्बा, चैत्य, बिहार तथा सम्पूर्ण देवस्थलओं मे सहज और सुरक्षित दर्शन, पुजा-पाठ, आराधना के लिए तत्काल खुला करने के लिए नेपाल सरकार से जोरदार माँग करते है ।
इसी सन्दर्भ में राष्ट्र निर्माता श्री ५ बडामहाराजाधिराज पृथ्वीनारायण शाह ने दैवी शक्ति के स्रोत और साधन से नेपाल राष्ट्र का एकीकरण का शक्ति आर्जन किया गया तथ्यगत मान्यताअनुसार कोत मे रहे हाथहथियार और निशान का पूजा, फूलपाती, महाअष्टमी के दिन कालरात्री पूजा हर्षाेल्लास और भव्यताका साथ सुसम्पन्न करने की परम्परा रही है । पर, नेपाल सरकार ने कोभिड १९ का कारण देखा नवरात्रि की पूजाओं मे रोक लगाने की मंशा है जो न हमें मान्य है न स्वीकार है ।
अतः देश एवं धार्मिक रितिरिवाज, संस्कृति, मान्यता और परम्पराओं को संरक्षण, संवर्धन, प्रवर्द्धन करते हुए ८४ प्रतिशत से अधिक हिन्दु और ९४ प्रतिशत से अधिक वैदिक सनातन ओमकार परिवार की भावना का कदर कर आगे बढ्ने के लिए नेपाल सरकार का गम्भीर ध्यानाकर्षण कराते हैं ।”


