आदमी का स्वभाव, आज बिल्कुल मतलबी हो गया है : राधेश्याम लेकाली
आदमी का स्वभाव
किसी की भी
सहायता करो
बंदा बेहद खुश होगा
पर एक बार
इन्कार करो
और
तब उसके तेवर देखो ।
किसी को भी
दस बार कंधा दो
पर एक बार
उसके कंधे पर बैठ जाओ
और
तब उसके तेवर देखो ।
किसी का भी
सौ बार प्रशङ्सा करो
पर एक बार
उसकी कमजोरी बताओ
और
तब उसकी तेवर देखो ।
हर रोज
हर समय
उसके साथ रहो
पर कुछ देर
उसके नापसन्द के साथ रहो
और
तब उसके तेवर देखो ।
कितनी शर्म की बात है
हर आदमी
आज स्वार्थ से जुडा है
एक अच्छा आदमी
बिल्कुल अकेला पड गया है
एक अच्छा इन्सान
बिल्कुल अकेला पड गया है
एक सही सोच वाला ब्यक्ति
बिल्कुल अकेला पड गया है ।
आदमी का स्वभाव
आज व्यक्तिवादी हो गया है
आज स्वार्थ से जुड गया है
आज बिल्कुल मतलबी हो गया है ।
आज बिना वजह
कोई किसी से
सम्बन्ध नही रखता
कोई किसी से
बात नही करता
कोई किसी के
साथ नही चलता ।
आज
हर इन्सान
जो इन्सान बन कर
जीना चाहता है
बिल्कुल अकेला पड गया है
बिल्कुल दूर से
दिखाइ दे रहा है
आज विल्कुल
बुत की तरह हो गया है ।
आज
सब चीज
बिकाऊ बन गया है
सब चीज का
सब चीज का
मोल लग गया है
मोलमोलाई हो रहा है ।
बन्दा,
नदी पार कर गया
पर लाठी भूल गया है
सत्ता पर पहुँच गया
पर भोट देने वालो को भूल गया है
बडा हो गया
पर मां बाप को भूल गया है ।
आज हर आदमी
कृतघ्न बन रहा है
सम्पन्नता का प्रदर्शन कर रहा है
मशीन बन रहा है ।
किसी का भी मन
अब दूसरे के लिए
शायद ही रोएगा
शायद ही तड़पेगा ।

काठमाडौं


