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शतरंज ओलंपियाड के लिए बोली लगाएगा भारत, भारतीय शतरंज लीग भी शुरू होगी

 

नई दिल्ली, 14 फरवरी: (हिमालिनी दिल्ली ब्यूरो) अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) के नए अध्यक्ष डॉ. संजय कपूर ने रविवार को भारतीय शतरंज को सुपरपावर बनाने का ब्लूप्रिंट देश के सामने रखा। उन्होंने बताया कि भारत 2026 में होने वाले शतरंज ओलंपियाड की मेजबानी के लिए बोली लगाएगा। देश में जल्द ही हाई प्रोफाइल भारतीय शतरंज लीग भी शुरू होगी।

पावर पैक एजीएम के बाद प्रेस कांफ्रेंस में डॉ. संजय कपूर ने कहा कि हम भारत को विश्व का शतरंज स्थल बनाना चाहते हैं। हमने उसे हासिल करने के लिए पूरी योजना बनाई हैं। उन्होंने खुलासा किया कि शतरंज ओलंपियाड के लिए जल्द ही फुलप्रूफ बिड तैयार की जाएगी।

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कानपुर क्रिकेट संघ के भी अध्यक्ष डॉ. संजय कपूर ने कहा कि काफी समय से हम इस खेल को और ज्यादा पॉपुलर बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय तड़के के साथ भारतीय शतरंज लीग शुरू करना चाहते हैं। फ्रेंचाइजी मॉडल पर आधारित इसका पहला संस्करण इस साल ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एजीएम में महिला ग्रैंड प्रिक्स की मेजबानी करना भी तय हुआ है, जो महिला चैंपियनशिप सर्किल का महत्वपूर्ण भाग है। इससे देश की महिला खिलाड़ियों को काफी बूस्ट मिलेगा।

डॉ. कपूर ने कहा कि यही नहीं स्कूल स्तर पर शतरंज को पॉपुलर बनाने के लिए हम स्कूलों में एआइसीएफ शतरंज प्रोग्राम शुरू करेंगे। हमारे 33 राज्य संघ एक साथ इसको लागू करेंगे। हम चाहते हैं कि भारत का हर स्कूली छात्र शतरंज खेले। यह भविष्य की पीढ़ियों को बेहतर बनाने में मदद करेगा क्योंकि इस खेल से स्वाभाविक रूप से जीवन कौशल सीखने को मिलता है।

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एजीएम में इसके अलावा सभी खिलाड़ियों के लिए सिंगल विंडो रजिस्ट्रेशन, सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और सुपर टूर्नामेंट के आयोजन का फैसला हुआ।

डॉ. कपूर ने इसको विस्तार से बताते हुए कहा कि सुपर टूर्नामेंट में कई शीर्ष स्तरीय खिलाड़ी खेलते हुए दिखेंगे। इससे हमारे ऊंची रैंक वाले ग्रैंडमास्टर्स को घर में ही उच्च स्तरीय शतरंज खेलने को मिलेगा। इससे युवा खिलाड़ियों को भी फायदा मिलेगा क्योंकि वे उन्हें पास से खेलते हुए देख सकेंगे।

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सचिव भरत सिंह चौहान सिंगल विंडो रजिस्ट्रेशन प्रॉसेस के महत्व को समझाते हुए कहा कि अब हर खिलाड़ी जो जिले में रजिस्टर्ड होगा वह राज्य और एआइसीएफ से भी जुड़ जाएगा।

चौहान ने कहा कि सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस जमीनी स्तर पर ही प्रतिभाओं को तलाशेगा और तराशेगा। विश्व रैंकिंग में टॉप-50 में हमारे 10 खिलाड़ियों के होने के विजन को यह पूरा करेगा।

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