सूचना निकलते ही दो कार्यलय मे अधिकारियों की नियुक्ती
नेपालगन्ज, पवन जायसवाल, श्रावण १७ गते ।
बाँके जिल्ला के दो सरकारी कार्यालय में सूचना मा“ग करते ही तुरुन्त सूचना अधिकारी का नियुक्त किया गया ।
बाँके जिला प्रशासन कार्यलय के प्रशासकीय अधिकृत बिष्णु सहानी को प्रमुख जिला अधिकारी जीवन प्रसाद ओली ने निबेदन पाते ही नियुक्त कर दिया है ।
प्रशासन में इससे पहले सूचना अधिकारी का जिम्मेवारी समहाल्ते आ रहे प्रशासकीय अधिकृत बसन्त कुमार कनौजिया का तवादला होने के बाद कुछ दिनों से वह पद खाली था ।
इसी तरह बाणिज्य कार्यालय नेपालगन्ज ने भी कार्यालय के नायब सुब्बा नरहरीनाथ तिवारी को सूचना अधिकारी में नियुक्त कर दिया है । दोनों कार्यालय से श्रावण १६ गते विभिन्न सेवाओं के बिषय में सूचना माँग किया गया था।
प्रशासन कार्यालय में सूचना अधिकारी कौन है, जिला में सोने का आयात को व्यवस्था, मूल्य निर्धारण प्रक्रिया कैसा है, किस प्रकृतिके मुद्दाओं का फैसला किया गया लगायत का विवरण म“ाग किया गया था । इसी तरह बाणिज्य कार्यलय नेपालगन्ज से भी बजार में सोने के दोकानो में अनुगमन, दर निर्धारण प्रक्रिया, कारवाही की अवस्था और उपभोक्ता शिक्षाओं का बजेट लगायत विवरण माँग किया गया था ।
नेपालगन्ज के अधिवक्ता द्धय विश्वजीत तिवारी और बलबहादुर चन्द, संचारकर्मी एवं नेपाल पत्रकार महासंघ बाँके के सचिव राकेश कुमार मिश्र और सर्बसाधारण अरुण तिवारी ने संयुक्त रुप में श्रावण १६ गते दो कार्यलय में सूचना के लियें निबेदन दिया था ।
सुचना माँगने के लियें पहुचे टोली से बातचीत करते हुयें प्रमुख जिला अधिकारी ओली ने सूचना माँग करने का काम सकरात्मक रहा है कहते हुयें सभी सेवा प्रदायक कार्यालयों ने स्पष्ट, पारदर्शी और सभी को सहज ढंग से सेवाओं को प्रदान करने के लियें जोड दिया । उन्हो ने सेवाग्राहियों को सहजता के लियें जिला के अन्य सरकारी कार्यालय में भी सूचना अधिकारी रखने के लियें पहल करने का प्रतिबद्धता किया ।
इसी तरह गुणस्तर तथा नापतौल विभाग में माग किया गया सूचना तुरुन्त ही उपलब्ध कराया । सूचना के हक सम्बन्धी ऐन २०६४ अनुसार सभी लोगों को जानकारी पानेृ का अधिकार अन्र्तगत सूचना माग किया गया । जिला के अधिकांस सरकारी कार्यालय में सूचना अधिकारी नियुक्त नही किया गया है ।
बाँके जिला के विभिन्न सेवा प्रदायक सरकारी कार्यालय ने उपभोक्ताओं को सहज तरीके से सेवा प्रदान न करने सूचनाए“ माँग कायों में बृद्धि हुआ है । सेवाग्राहीओं से प्रत्यक्ष सरोकार रखने वाले सरकारी कार्यालयों में जनता का काम सहज तथा तुरुन्त न करे और कार्यालयों को सेवाओं के बारे में जानकारी न देनें से सिकायत बढने के बाद सूचना माग का अभियान ही बढाया गया है ।

