मैथिल सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र के लिए मधेश के 26 जिला में घर घर एक ईंट सहयोग अभियान

माला मिश्रा बिराटनगर । मैथिल ब्राह्मण महासभा नेपाल द्वारा मधेश का 25 जिला में एकघर एक ईटा अभियान चलाकर मिथिला संस्कृति अध्यन केंद्र का भवन निर्माण का संकल्प पारित किया गया
। भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में सम्मिलित मैथली भाषा के साथ- साथ मैथली संस्कृति को भी बढ़ावा देने की तैयारी जोड़ो पर है |मैथली भारत के उत्तर-पूर्व बिहार एवम् नेपाल के तराई क्षेत्र की भाषा है |नेपाल में राष्ट्रभाषा नेपाली के बाद सबसे ज्यादा बोले जाने बाला भाषा है। मैथिल संस्कृति की एक खासियत यह और भी है कि यह भारत और नेपाल की संस्कृति को और भी मजबूती के साथ जोड़ने का कार्य करतीं हैं || इसी कड़ी में
मैथिली सांस्कृतिक अध्ययन क्रेंद्र का विशाल भवन निर्माण कार्य शुरु हो गया है । मैथिली ब्राह्मण महासभा द्वारा जनकपुरधाम महानगरपालिका वार्ड सात बेलाकट्टी में निर्माणधीन भवन एक वर्ष में बनकर तैयार करने का लक्ष्य रखा है । उपरोक्त जानकारी भेट वार्ता में मैथिल ब्राह्मण महासभा नेपाल का केंद्रीय अध्यक्ष भगवान झा ने दी है । बताया इस छह मंजिला भवन में प्रथम मंजिल पर सभागृह, दूसरा मंजिल पर देवलोक तथा तीसरा मंजिल पर मिथिला संग्राहलय तथा चौथा मंजिल पर पुस्तकालय, संगोष्ठी कक्ष, पांचवां और छठा मंजिल पर आवासीय होगा | उन्होंने बताया कुल 11 करोड़ का लागत से बनने जा रही है ।
जनकपुर धाम पहुचने वाले श्रद्धालु एवं पर्यटक एकबार मिथिला सांस्कृतिक क्रेंद्र का अवलोकन करें व संस्कृति को करीब से जाने यह मुख्य उद्देश्य मैथिल ब्राह्मण महासभा का है । मैथिल ब्राह्मण महासभा का अध्यक्ष भगवान झा का कहना है कि उक्त भवन निर्माण के लिए फिलहाल तराई इलाका के जिला में एक अभियान चलाकर घर घर से एक ईंट का सहयोग लिया जाएगा ।
इस उद्देश्य से धनुषा में ब्राह्मण समाज का एक बैठक हुआ जिसमें मिथिला संस्कृति अध्ययन केंद्र निर्माणकार्य को तीब्रता देने पर सर्वसहमति से निर्णय लिया गया ।

