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धनतेरस और दीपावली पूजन एवं खरीदारी मुहूर्त: राधाकान्त शास्त्री

 

2 नवम्बर मंगलवार को धनतेरस और 4 नवम्बर गुरुवार दीपावली है।

*इस वर्ष पूजन एवं खरीदारी का शुभ मुहूर्त धनतेरस और दीपावली पूजन के लिए दिन में 1:45 से प्रारम्भ होकर रात्रि 3 बजे तक शुभ है।*

इस समय के अंतराल अपने आचार्य के निर्देशानुसार समय सुनिश्चित कर पूजन एवं खरीदारी करें।
*धन तेरस एवं दीपावली के दिन:-*

*कुम्भ एवं मीन लग्न:-*
दिन में 1:30 के बाद से, शाम 5 बजे तक।

पुनः
*वृष एवं मिथुन लग्न:-*
सायं 6:14 बजे से रात्रि 10:30 तक।

पुनः
सिंह लग्न- रात्रि 12:40 से रात्रि 3 बजे तक रहेगा।

*धनतेरस और दीपावली का सामान्य पूजन विधि:-*
अपने सुविधा सामर्थ्य के अनुसार पूजन सामग्री तैयार कर आसन पर बैठकर आचमन, पवित्री, तिलक धारण, दिशा शुद्धि, दीप प्रज्वलन, स्वस्तिवाचन , संकल्प, गौरी गणेश पूजन कर कलश स्थापित करें, और कलश पर पुनः पँचदेवता, इंद्र कुबेर की नाम मन्त्र से पूजन करें। पुनः सामने छोटी चौकी या पीढ़ा पर एक पीतल के थाली में घी रोली सिंदूर से स्वस्तिक बना कर उसपर पान का पत्ता स्थापित करें और उस पर गणेश लक्ष्मी की मूर्ति या दो चांदी के सिक्के एक रुपया लिखा भाग ऊपर कर के दाएं बाएं में स्थापित करें और उस पर श्री गणेश और माता लक्ष्मी का नाम मन्त्र, मूल मन्त्र या श्री सूक्त मन्त्र से आवाहन स्थापन एवं यथा लब्ध उपचार पूजन करें। पुनः माता जी के सामने बटुआ अर्पण कर बटुवे में धनिया, हल्दी गांठ, कमलगट्टा, कौड़ी चित्ती, जायफल, जावित्री, द्रव्य रख कर माता जी को भेंट करें। और श्री गणेश जी के प्रसन्नता के लिए –
ॐ गं गणपते वर वरद सर्व जनम् वशमानय स्वाहा ।।
इस मंत्र का जप, एवं
संकट नाशन गणेश स्तोत्र, और गणेशअथर्वशीर्ष का पाठ करें।
साथ ही माता लक्ष्मी के प्रसन्नता के लिए –
।। ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलाये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मै नमः ।।
इस मन्त्र का जप एवं
श्रीसूक्त का पाठ करें। इस प्रकार समस्त पूजन कर पुनः अग्नि स्थापन कर खीर मधु एवं अन्य द्रव्यों से गणेश एवं लक्ष्मी मंत्र से हवन कर श्री गणेश एवं माता लक्ष्मी जी की आरती करें। इस प्रकार पूर्ण प्रसन्नता के साथ सुख पूर्वक समस्त पूजन सम्पादित करें, पुनः साथ ही सभी दरवाजों पर स्वस्तिक बना कर दीप जलावें।
एवं जितना हो सके लक्ष्मी गणेश के मंत्रों का पाठ व जप करें।
*श्री लक्ष्मी गणेश की विशेष कृपा आप सपरिवार पर बनी रहे। आपके समस्त कष्ट, अर्थाभाव , दुख, दारिद्रयता , माता जी के आगमन से समाप्त हो, धनतेरस एवं दीपावली की हार्दिक शुभकामना।*
*माता लक्ष्मी , श्री गणेश , धन्वंतरि , इंद्र एवं कुबेर के साथ अपनी कृपा दृष्टि सबके ऊपर बनाते हुवे सुख शान्ति समृद्धि सम्पूर्ण प्रसन्नता एवं अपार धन की वर्षा करें।*
*सबका जीवन आनंददायक एवं मंगलमय हो, सबका जीवन सुख सौभाग्य, उत्तम आयु आरोग्यता सम्पन्नता एवं सम्पूर्ण प्रसन्नता से भर जाए। सम्पूर्ण व्रत पूजन के साफल्यता लिए महादेव से हमारी हार्दिक शुभकामना…*

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*इस वर्ष धनतेरस को हस्त नक्षत्र और दीपावली स्वाती नक्षत्र में सम्पूर्ण दिन एवं सम्पूर्ण रात्रि पर्यंत व्याप्त रहेगा। अतः इस वर्ष धनतेरस एवं दीपावली के दिन व रात्रि का पूजन एवं खरीदारी अत्यंत शुभ रहेगा।*
*इस वर्ष दिन एवं प्रदोष काल का मिलन समय दिन में 3:30 से सायं 5 बजे तक का समय सर्वोत्तम रहेगा। जो व्यवसाय और दुकान के लिए अत्यंत शुभ है।* प्रदोष काल गृहस्थ के लिए अपने घर की पूजा के लिए सर्वाधिक उपयुक्त रहेगा। *प्रदोष काल अर्थात- दिन और रात्रि का संयोग काल।*
इस समय घर के कुल देवी देवता के साथ दरवाजे पर स्वस्तिक , अल्पना तोरण , केले का थम्भ स्वागत पुष्प सजा दीप जला कर माता लक्ष्मी का स्वागत एवं पूजन करना प्रसंशनीय होगा।
माता लक्ष्मी श्री गणेश सरस्वती के साथ सबके घर मे निवास करें।

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*✍🏻 ज्योतिषाचार्य आचार्य राधाकान्त शास्त्री*

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