ब्रह्माकुमारी द्वारा समाज में उल्लेखनिय कार्य करनेवाली नारियों का सम्मान
नेपालगन्ज/ (बाँके) पवन जायसवाल । ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एवं राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र, नेपाल, क्षेत्रीय कार्यालय, नेपालगन्ज ने मातातीर्थ औंसी के अवसर पारकर समाज में उल्लेखनीय भूमिका निर्वाह करनेवाली, कर्तव्य करनेवाली नेपालगन्ज के नारियों को सम्मान किया है ।
वह कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एवं राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र, नेपाल के उपाध्यक्ष तथा क्षेत्रीय कार्यालय नेपालगन्ज की क्षेत्रीय प्रमुख राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी दुर्गा दिदी के अध्यक्षता में, पूर्व मन्त्री प्रदेश सभा सदस्य कृष्ण केसी (नमुना) के.सी.के प्रमुख आतिथ्य में सम्पन्न हुआ था ।
पूर्व मन्त्री प्रदेश सभा सदस्य कृष्ण केसी नमुना, शिक्षा क्षेत्र में योगदान पहुँचानेवाली शिक्षाविद्, धम्बोजी माध्यमिक विद्यालय नेपालगन्ज की पूर्व प्राचार्य किरण आचार्य, अनेकौं वृद्ध वृद्धाओं को उद्धार करके संरक्षण करते आ रही नीलसागर सेवा आश्रम की केन्द्रीय अध्यक्ष सरीता खनाल, नेपालगन्ज उप–महानगरपालिका की पूर्व उप–मेयर उमा थापा, नारियों की न्याय के लिये सशक्त स्तम्भ कलम चलाने वाली स्तम्भकार मुस्लिम नारी साईबा बानो, भेरी अस्पताल नेपालगन्ज की नर्स मेट्रोन दुर्गा लक्ष्मी श्रेष्ठ, वागेश्वरी एकेडमी (वागेश्वरी आ.मा.वि.) की संस्थापक प्रसन्ना राजभण्डारी, फर्स्ट लायन लेडी मीना ढकाल, खेलकूद परिषद की केन्द्रीय सदस्य सुमित्रा चौधरी, नेपालगन्ज उद्योग वाणिज्य संघ की प्रवक्ता मन्दिरा पाण्डे लगायत लोगों को योगदान की कदर करते हुये दोसल्ला ओढाकर, माया की चिनो सहित सम्मान किया गया था ।
नारियों की हरेक कला हो, काम हो, अपनी परिवार प्रति की समर्पण भाव हो, जिम्मेदारी हो, उस की सम्मान हरेक दिन कर सके तो परिवार में, समाज में शान्ति प्राप्त होती और हमारी मिशन पुरा होती है । नारियों पक्ष में न्याय के लिये सशक्त स्तम्भ कलम चलाने वाली स्तम्भकार मुस्लिम नारी साईबा बानो ने बतायी । माँ ऐसी शक्ति हैं, सन्तान जन्म देना मात्र माँ बन्ना नही, भूमिका से माँ की दर्जा देती रहती है, हर हिसाब से अभिभावकत्व दे सकने वाली महान नारी महान माँ हो सकती हैं और जन्म देनेवाली माँ होते ही सव चीज रही है महशुस होती है पूर्व मन्त्री प्रदेश सभा सदस्य कृष्ण केसी (नमुना) ने बतायी ।
भगवान ने जब नारी को सम्मान करके आज से ८७ वर्ष आगे गद्दी में रक्खे के बाद विद्वत मण्डली में समेत एक बडी हलचल आयी थी, उसके बाद में धीरे धीरे सभी तर्फ हरेक क्षेत्र में नारी आगे बढते आयी बात बतायी आसुरी प्रवृत्तियों को नाश करना, शक्ति हैं नारी, ईश्वर ने सम्मान किया है नारी हीरा जैसी चम्किते आगे बढ्ना पडता है, जितना ही अपमान हुई नारी ने अपनी शक्ति और खुवी को कम नही की और करना नही चाहिये राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी दुर्गा दिदी ने बतायी ।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमार कृष्ण बहादुर रानाभाट ने माँ की मीठी सम्झना की भावनात्मक कविता, ब्र.कु.ज्योति जंगले माँ की महिमा कविता, माँ की सम्झना सहित की मर्मस्पर्शी नृत्य कु.आकृसी, कु.आकांक्षा और ब्रह्माकुमारी संगिता ने प्रस्तुत की थी कार्यक्रम की सहजीकरण ब्रह्माकुमारी मुना ने की थी । कार्यक्रम में सौ से अधिक माताएँ को सम्मान किया गया था ।






