Sun. Jun 21st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

“मेरो रेडक्रस कथा” मूलनारा के साथ रेडक्रस दिवस

 

3नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल, २७ गते बैशाख ।
“मेरो रेडक्रस कथा” मूलनारा के साथ विश्व भर में रेडक्रस दिवस बैशाख २५ गते को भव्यरुप से मनाया गया।
रेडक्रस के संस्थापक महामानव जाँ हेनरी ड्यूना के जन्म दिन के अवसर पर विश्व भर बैशाख २५ गते यह दिवस मनाया गया है ।
ड्यूना का जन्म स्वीट्जरल्याण्ड के जेनेभा में सन् १८२८ मे ८ तारीख को हुआ था, जाँ हेनरी ड्युूना ने ३५ वर्ष के उमेर में और जेनेभा के और ४ लोग  व्यक्ति जनरल जी.एच. ड्युफो, गुस्ताफ मोनियर, डा. लुई अप्पिया और डा. थियोडर मोनिएर की सत्प्रयास में सन् १८६३ कें “युद्ध में घायलों को उद्धार करने के लिये अन्तर्राष्ट्रीय समिति” गठन होकर के अभी रेडक्रस को अन्तर्राष्ट्रीय समिति (आई.सी.आर.सी.) के नाम से परिचित रहा है ।
ड्यूना के जन्म दिन के अवसर पर नेपाल भर में रहे रेडक्रस के निकायों ने  विविधि कार्यक्रमों कीे आयोजन करके दिवस मनाया ।
इसी अवसर पर नेपाल रेडक्रस सोसाइटी बाँके जिला शाखा अन्तर्गत रहा १४ उप–शाखाए“ ने अपन–अपने कार्यक्षेत्रों में सन्देश मूलक कार्यक्रम की आयोजन करके रेडक्रस दिवस मनाया गया है । 5
नेपाल रेडक्रस सोसाइटी बागेश्वरी, गनापुर और कुसुम उपशाखा ने जुनियर रेडक्रस सर्कल÷विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षक नायक, जुनियर रेडक्रस सर्कल सदस्य, जिला और उप–शाखा के पदाधिकारी, सदस्य, आजीवन सदस्य, साधारण सदस्य, विशिष्ट सदस्य, यशस्कार सदस्य, संस्थागत तथा स्वयंसेवकों की सहभागिता में प्रभातफेरी और कोणसभा की आयोजन किया गया था ।
इसी तरह नेपाल रेडक्रस सोसाइटी बेतहनी उप–शाखा में भी व्याच वितरण और सभा की आयोजन किया गया था, कोहलपुर उप–शाखा क्षेत्र के जुनियर रेडक्रस सदस्य विद्यालय स्तरीय वकत्वकला प्रतियोगिता की भी आयोजन किया गया था ।
उसी अवसर पर नेपाल रेडक्रस सोसाइटी गंगापुर, घरवारीटोल, बेलासपुर, पिपरहवा, सीतापुर, पुरैनी और सदरलाइन उप–शाखाए“ ने व्याच वितरण किया था और कचनापुर उप–शाखा ने सरोकारवाला एवं समुदाय के सहभागिता में पूर्वसूचना प्रणाली के बारे में अभिमुखीकरण किया गया था ।
उप–शाखाए“ में आयोजित कार्यक्रमों में नेपाल रेडक्रस सोसाइटी बाँके शाखा के पदाधिकारी और सदस्यों की सहभागिता रही थी कार्यक्रम सम्बन्धित उप–शाखा के सभापति के सभापतित्व में सम्पन्न हुआ नेपाल रेडक्रस सोसाइटी शाखा के प्रहलाद विश्वकर्मा यह जानकारी दी है । 2 4

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *