नेपाल के रास्ते तीन साल बाद शुरू होगी मानसरोवर यात्रा… भारतीयों को इजाजत नहीं,हेलिकाप्टर सेवा पर असर
काठमांडू ९ असार
कोरोना काल से बंद मानसरोवर यात्रा करीब तीन साल बाद नेपाल के रास्ते शुरू होने वाली है, लेकिन इस रास्ते भारतीय तीर्थयात्री नहीं जा पाएंगे। चीन ने वीजा नीति में बदलाव करके नेपाल के रास्ते भारतीय नागरिकों को अपने देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी है।
जानकारी के मुताबिक, कोरोना काल में चीन ने मानसरोवर यात्रा पर रोक लगा दी थी। अब नेपाल के रास्ते मानसरोवर यात्रा की इजाजत दी है। शर्त यह है कि इस रूट से नेपाल और विश्व के अन्य देशों के यात्री मानसरोवर जा सकेंगे, लेकिन भारतीय यात्रियों पर रोक है।
ट्रेकिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ नेपाल (टीएएन) के महासचिव विनोद सापकोटा ने बताया कि पहले चीन सबके लिए समान वीजा नीति लागू करता था, लेकिन इस बार भारतीयों के लिए नियम में बदलाव किया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए उपयुक्त मौसम मई से सितंबर तक रहता है।
एयरलाइन ऑपरेटर्स एसोसिएशन के सचिव राजू न्यूपाने ने बताया कि नेपाल से मानसरोवर जाने वालों में सबसे अधिक संख्या भारतीयों की होती थी। इस बार भारतीयों को इजाजत नहीं मिलने से हेलीकॉप्टर सेवा का कारोबार मंदा है। ज्यादातर नेपाली तीर्थयात्री
सड़क मार्ग से रसुवागढ़ी जाना पसंद करते हैं।
नेपाली नागरिकों के लिए पैकेज
टीएएन के महासचिव सापकोटा ने बताया कि नेपाली नागरिकों के लिए नेपाल से कैलाश मानसरोवर यात्रा का पैकेज ज्ञ,टछ,ण्ण्ण् रुपये से लेकर घ,ण्ण्,ण्ण्ण् रुपये तक का है। यात्रा आमतौर पर ज्ञण् दिन से अधिक की होती है। पैकेज में समय और सुविधाओं के अनुसार बदलाव संभव है।

