बाँके और बर्दिया जिला के साहित्यकारों द्वारा तीज मिलन तथा दरखाने कार्यक्रम
नेपालगन्ज बाँके, पवन जायसवाल । बाँके जिला के खजुरा बाजार में बाँके और बर्दिया जिला के साहित्यकारों की तीज मिलन तथा दरखाने की कार्यक्रम भब्य रुप में भाद्र २२ गते शुक्रवार को सम्पन्न हुआ है ।
साहित्यकारों मौलक तीज की गीत गाकर, नाचकर मनोरञ्जन किया था । वह कार्यक्रम में साहित्यकारों में शिक्षाविद् किरण आचार्य, कल्पना पौडेल जिज्ञासु, ज्ञानोदय बहुमुखी क्याम्पस खजुरा की क्याम्पस प्रमुख चरित्रा शाह, कल्पना खरेल, गीता अर्याल, ईन्दिरा गौतम, लक्ष्मी बत्स्याल, चन्द्रावती अधिकारी, मन्दिरा निरौला, रोशनी थापा लगायत की उपस्थिति में डा। जनार्दन आचार्य और अधिवक्ता तथा भीमबहादुर शाही ने तीज की महिमा के बारे में अपनी धारणा प्रस्तुत किया था । कल्पना पौडेल जिज्ञासु, चरित्रा शाह और गीता अर्याल ने वह कार्यक्रम की ब्यवस्थापन की थी ।
कार्यक्रम में खजुरा प्राज्ञ प्रतिष्ठान के उप–कुलपति डा ईन्द्र बहादुर भण्डारी “इन्द्रेणी ” वरिष्ठ साहित्यकार खगेन्द्र गिरी कोपिला, ईश्वरी प्रसाद रिजाल, महेन्द्र पुस्तकाल नेपालगन्ज के सचिव मणि देव अर्याल, लेक प्रसाद प्याकुरेल, ज्ञानोदय माध्यमिक बिद्यालय खजुरा के प्रधानाध्यापक ऋषिराम सापकोटा, भीम बहादुर शाही, नरेन्द्र स्वाँर, दीप पन्थी, लक्षमण सापकोटा, स्पर्श अधिकारी, सागर पाण्डे, जगदीश ढकाल, मायाँ केसी लगाायत लोगों ने समेत गाया और नाँचके मनोरञ्जन कराया था । कल्पना पौडेल जिज्ञासु ने तीज की मौलिकता बचाने के लिये बाँके और बर्दिया के साहित्यकारों की साहित्यिक मिलन के लिये यह कार्यक्रम की आयोजन किया गया था और इस को आगामी वर्ष में भी निरन्तरता देने के लिये शुभकामना मन्तव्य व्यक्त करते हुये धारणा रक्खा था ।
बाँके जिला के खजुरा में रहा ज्ञानोदय बहुमुखी क्याम्पस खजुरा में खजुरा, नेपालगन्ज, कोहलपुर के साथ साथ बर्दिया जिला के ३० लोगों से अधिक साहित्यकारों की सहभागिता में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ था ।







