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हुलाकी राजमार्ग निर्माण आयोजना

 

विनय दीक्षित/नेपालगंज रिपोर्ट:बदहाल सडÞक और बेवस जनता
हर वर्षवषर्ांत में जिले में एक बात काफी बुलन्दी पर होती है वह यह कि, राप्ती नदी की बाढÞ से सारा इलाका प्रभावित है । यह हर वर्षहोनेवाली मौसमी घटना है । इसमें नयापन भी नहीं होता है, वही मीटिङ्ग, ज्ञापन, धर्ना, डेलीगेशन आदि इत्यादि करते-करते बारिश का मौसम गुजर जाता है और भाषण देने वाले लोग भी धाराशायी हो जाते हैं, लेकिन इस बार बाढÞ के अलावा भी एक बडÞा मुद्दा है, जिसके कारण कोई एक इलाका नहीं बल्कि पूरे जिले की स्थिति बदतर होती दिखाइ पडÞ रही है ।
नेपालगन्ज बघौडा हुलाकी राजमार्ग निर्माण जारी है । पिछले २ वर्षमें निर्माण कम्पनी ने सिर्फ३ प्रतिशत काम पूरा किया है । जिले का एक तिहाई हिस्सा माना जाने वाला राप्ती क्षेत्र का मुख्य मार्ग यही राजमार्ग है, या यूँ कहा जा सकता है कि एक तिहाई जनसंख्या इसी सडÞक का प्रयोग कर गाँव से शहर तक की यात्रा तय करती है ।
साधन के नाम पर सूखे मौसम में एक आध बस भी चलती है लेकिन उनकी दशा भी मौसम के आधार पर बदल जाती है, यदि पानी बरस जाए तो जरूरी नहीं कि जो व्यक्ति नेपालगन्ज आया वह उसी बस से वापस घर चला जाए । सडÞक निर्माण कम्पनी जीभीआर इन्प|mा प्रोजेक्ट लि. भारत ने २ वर्षों से काम जारी रखा है, सूखे मौसम में नई मिट्टी पटान के कारण लोग धूल का सामना करते थे, और अब बारिश ने धूल को कीचडÞ मे बदल दिया । अब वह सडÞक सही सलामत पैदल चलने के लायक भी नहीं है,  बस इसी का आक्रोश है स्थानीय लोगों में ।
अति सम्वेदनशील माना जानेवाला इलाका कम्दी गाविस के आसपास के क्षेत्र में वषर्ात से पहले ग्राभेल डÞालने के लिए स्थानीय लोगों ने सडÞक निर्माण कम्पनी पर बार-बार दबाव दिया लेकिन हुआ वही जो नहीं होना चहिए था ।
नेपालगन्ज नगर से कुल मिलाकर ९ गाबिस जोडÞने वाली यह सडÞक वषर्ात के कारण चर्चा में है । स्थानीय क्षेत्र में आवागमन पर्ूण्ा रूप से बाधित है, भारतीय सीमा से जुडÞे लोग भारत की सडÞक प्रयोग करते हैं, जिससे समय और पैसा दोनों ज्यादा लगता है ।
निर्माण कम्पनी ने २ वर्षपहले जब ठेका लिया था तो समझौता में स्पष्ट रूप से लिखा है कि ७ चैत्र २०७० में काम पूरा होना है । लेकिन निर्माण कम्पनी ने जिस उदासीनता से काम किया उसमें २ वर्षों में सिर्फ३ प्रतिशत काम पूरा हुआ । इस आधार पर सडÞक पूरी होने में अभी २५ वर्षऔर लगेंगे ।
१ अरब ७० करोडÞ ४५ लाख ९२ हजार की लागत में जारी निर्माण कार्य दु्रत गति में आगे न बढÞने के कारण बार-बार स्थानीय क्षेत्र में जनता और ठेकेदार के बीच विवाद होता रहता है ।
कम्दी निवासी हरिलाल यादव ने बताया सडÞक जर्जर होने और ट्रेक्टर आवागमन ज्यादा होने के कारण सडÞक की अवस्था और खराब हर्ुइ है । नेपालगन्ज नगर की जरूरत के हिसाब से बालू, गिट्टी, अनाज आदि इसी सडÞक से गुजरता है । या ऐसा भी कहा जा सकता है कि नेपालगन्ज के विकास में यह सडÞक ही बाधक है ।
समझौता के अनुसार ४४.६ किलोमीटर सडÞक २ वर्षों में पूरा होना था, लेकिन २ वर्षकी अवधि में काम का एक तिहाई भी न होना कई सवाल खडÞे कर रहा है । निर्माण कम्पनी के इन्जिनियरों की मानें तो कच्चा पदार्थ आयात में कठिनाई होने के कारण काम दु्रत गति से आगे नहीं बढÞ पा रहा है ।
कम्दी गाबिस निवासी पत्रकार र्सर्ूयलाल यादव ने कहा कि समझौता के हिसाब से समय पर काम पूरा न होने के लिए स्थानीय निकाय ही जिम्मेवार है । कमीशन और दलाली के कारण ठेकेदारों से अवैध रकम असूली जाती है और उन्हे पर्ूण्ा लापरवाही और गुणस्तरहीन काम करने में छूट दी जाती ।
हुलाकी राजमार्ग आयोजना के कार्यालय में प्रतिक्रिया के लिए जब ‘हिमालिनी’ ने सर्म्पर्क किया तो पता चला आयोजना प्रमुख का तबादला हो गया है । कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने किसी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में दिलचस्पी नहीं दिखाई । स्थानीय विकास पर नजर रख रहे प्रमुख जिला अधिकारी जीवन प्रसाद वली ने बताया, जिस प्रकार से बात हर्ुइ थी कि आषाढÞ से पहले कम-से-कम ग्राभेल डÞालकर सडÞक को आने जाने के लायक बना दिया जाएगा, वह भी नहीं हो पाया है ।
उन्होंने कहा, हालाँकि काम जारी है और प्रयास भी यही है कि इस वषर्ात में लोगों को पिछले साल की तरह कष्ट न उठाना पडÞे । जिलाअधिकारी वली ने कहा, तत्काल समस्या समाधान करने के लिए ठेकेदार को निर्देशन दिया जा चुका है कि जहाँ मरम्मत करने लायक है, उसे तत्काल सुचारु किया जाए । J

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