जीवन को सार्थक बनाने के लिए सात्विक जीवन अपनायें -डा.चिन्मय पांडया
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर।जीवन को सार्थक बनाना है तो सात्विक आहार, सात्विक बिचार तथा सात्विक व्यवहार अपनावें। उपरोक्त बातें शांति कुंज हरिद्वार देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डा.चिन्मय पाण्डया ने शुक्रवार की रात गायत्री परिवार नेपाल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में कहीं। उन्होंने कहा कि आप तनाव मुक्त रहें। आप के पास कोई बीमारी नहीं होगा। शाकाहार भोजन से आप बीमारी से बच सकते हैं। आज के युवा व्यसन के शिकार हो रहे हैं। नेपाल के युवा इसके अधिक शिकार हैं।इसके लिए अभियान चलाना होगा। पांड्या ने कहा कि योगासन अपनायें। गायत्री मंत्र का ध्यान से जाप करें।सारी बाधाएं दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि नेपाल में भी अश्वमेध यज्ञ दो साल के भीतर आयोजन किया जाएगा। अमर नाथ गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न कार्यक्रम में मधेश प्रदेश के खेल कूद तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती सुरीता साह,बिधायक रामाशीष यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

