भारत : तराई क्षेत्र में बनने वाला लैंड पोर्ट नेपाल के लिए भी तरक्की की राह खोलेगा
महराजगंज
तराई में 200 करोड़ रुपये से बनने वाला लैंड पोर्ट न सिर्फ भारत बल्कि नेपाल की भी तरक्की के रास्ते खोलेगा। नेपाल सीमा पर यह लैंडपोर्ट 25 एकड़ में विकसित करने की योजना है। इसके लिए भूअधिग्रहण पर 21 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस लैंड पोर्ट को विकसित करने की पीछे मंशा दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने की है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने नेपाल दौरे के दौरान इसका जिक्र किया था।
यह लैंडपोर्ट महराजगंज के नौतनवा कस्बे के पास छपवा गांव में बन रहा है। इसके लिए जमीन चिह्नित कर चहारदीवारी बनाई जा चुकी है। नौतनवा रेलवे स्टेशन से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम सभा छपवा में एंड वेयर हाउस पालिसी के तहत लैंड पोर्ट को विकसित किए जाने की योजना है। सरकार के निर्देशन पर डीपी वर्ल्ड कंपनी ने कार्य योजना तैयार करनी शुरू कर दी है। नौतनवा तहसील प्रशासन ने लैंड पोर्ट बनाने के लिए 25 एकड़ जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव भी शासन को भेज दिया है। जिला उद्योग विभाग प्रशासन कार्य योजना तैयार कराने को लेकर डीपी वर्ल्ड कंपनी के सहयोग में युद्ध स्तर पर जुटी हुई है। जिला उद्योग विभाग की माने तो डीपी वर्ल्ड कंपनी लैंड पोर्ट बनाकर क्षेत्र को विकसित करने के लिए लगभग 2 सौ करोड़ रुपये खर्च करेगी। जानकारों का मानना है कि लैंड पोर्ट बनने के बाद सोनौली नाके के रास्ते भारत और नेपाल के बीच होने वाला व्यापार दोगुना हो जाएगा।
लैंड पोर्ट बनकर तैयार हो जाने के बाद देश के विभिन्न बंदरगाहों से कटेनर या अन्य सामानों की रेक पहुंचेगी। कंटेनर व सामानों को नेपाल निर्यात में काफी सहूलियत मिलने लगेगी। लेड पोर्ट के अंदर ही कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान बड़ी कंपनियों के अधीन वर्क करेंगे। साथ ही बैंकिंग से लेकर अन्य सरकारी सुविधा भी परिसर के अंदर ही उपलब्ध होगी। क्षेत्र के लोगों का कारोबार में चार चांद लगेगे ही, करीब एक हजार युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
उपयुक्त उद्योग महराजगंज अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि लैंड पोर्ट बनाने को लेकर जमीन चिह्नित कर ली गई है। कंपनी द्वारा 2 सो करोड़ रुपये की लागत से लैंड पोर्ट निर्माण के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। यहां क्षेत्र के लोगों को कारोबार के अवसर तो मिलेंगे ही, साथ ही हजार से अधिक बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा।

