बीबी-वशीकरण टिप्स
जैसे सब के होते हैं, हमारे भी बुजर्ुग थे । सिर्फथे नहीं, जम कर थे, खूब थे । इन बुजुगोर्ं के हम हर मायने में शुक्रगुजार हैं, जी ! ये नसीहतें खूब फरमाते थे- अदब से रहो, बडÞों से मुँहजोरी मत करो, बडÞों का कहना मानो, फिजूलखर्जी ना करो, किसी को बुरी नजर से मत देखो वगैरह-वगैरह ।
एक बार मेरे आइने ने कहा, जनाब ! आप भी अब बुजुर्गों की कतार में खडÞे हो जाईए । मैंने पूछा, क्यों – क्या खता हो गई मुझ से –
आइना बदतमीजी पर उतर आया- अमां यार सत्तर बसन्त देख चुके न मुँह में दाँत ना पेट में आँत, अब भी दिल नहीं भरा – गजब करते हो । मान लो मेरी बात और खुद को बुजुर्गो में शुमार कर लो । और आने वाली नश्लों को अपने तजर्ुर्बे के खजाने से कुछ बेशकिमती हीरे मोती लुटा दो । जाते-जाते दुनिया को कुछ देते जाईए ।
मैंने आइने को आडÞे हाथों लिया और डाँटा- खबरदार मुझे बुढ्ढÞा मत कहना ! जहाँ तक नसीहतों की बात है, वह मैं दिल खोल कर दे सकता हूँ । मुफ्त में लूट लो यार ! जितनी चाहे बटोर लो ।
एक घरेलू टाइप का इन्सान आगे आया और हाथ जोडÞ कर इल्तजा की- तो लगे हाथ हमें कुछ ऐसे नुस्खे बताएँ, जिससे घरवाली काबू में रहे । शौहर को बेइन्तहा प्यार करे । कहने का मतलब, बीबी को कैसे मुठ्ठी में रखा जाए, इस बारे में कुछ ऐसे टिप्स दीजिए, जो युगों से आजमाया गया हो । जिसका वार कभी खाली न जाए । घर में घर वाली हो तो बाहर, बाहर वाली ढूंढÞना न पडÞे । गर बाहर वाली मिल भी जाए तो घर वाली को पता भी न चले । कुछ ऐसे नुस्खे, हो सके तो खुद आजमाए हुए, हों तो और बेहतर ।
तब मैंने बुजर्ुगाना अन्दाज में कहना शुरु किया, गौरतलब बात यह है कि अब जमाना बदल गया है । शादी से पहले तिलक दहेज आदि के लिए ज्यादा चिल्लपों दिखाना ठीक नहीं । लडÞकी पढीÞलिखी और कमाऊ हो तो जिन्दगी भर वह कमा कर खुद तिलक दहेज देती रहेगी । समाज की नजरों में त्यागी भी बन जाईए और आमदनी भी ‘सोलिड’ ।
अब कुछ छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें, जिससे घर वाली खुशी-खुशी गुलामी करती रहे ।
नम्बर एकः बीबी कितनी भी बदसूरत क्यों न हो, तुम उसे दुनियां की सबसे खूबसूरत मोहतरमा करार दो । सब के सामने उसकी झूठी ही सही तारीफ कर दो । हर्रर्ेेगे न फिटकिरी रंग चोखा । उससे कहो, फलानी हिरोइन तो तुम्हारे सामने पानी भरेगी ।
नम्बर दोः उसके हाथ का बना खाना चाहे जितना भी खराब हो, तारीफ करते हुए खाए जाओ । कह दो, ऐसा लजीज खाना कभी नसीब न हुआ । आज पहली बार इतना जायकेदार खाना खा रहा हूँ । देखना बीबी जरखरीद गुलाम हो जाएगी । कम से कम अच्छा खाना बनाना तो जरूर शुरु कर देगी ।
नम्बर तीनः बीवी के सामने उसके मायके वालों की झूठी ही सही कभी-कभार तारीफ के दो-चार लप\mज बोल देना । खास कर साला और साली की । क्योंकि सारी खुदाई पर साला भारी पडÞता है और साली आधी घर वाली तो होती ही है ।
नम्बर चार ः उसके जन्मदिन, शादी की वर्षांठ जैसे अवसर पर ऐसा कोई सामान उसे प्रेजेन्ट करना, जो बाद में घरेलू काम की चीज साबित हो । आम का आम गुठली का दाम इसे ही कहते है । इतनी चलाकी तो चलती है न ।
नम्बर पाँचः नेपाल में आजकल जो नई हवा चली है, उससे अगर बीवी नेताईन बन जाए तो समझ लो वह इतना कमा लेगी कि तुम्हें कोई काम करने की जरूरत ही न पडÞेगी । मगर हाँ, इस सूरते हाल में आप बीबी के गुलाम माने जाओगे । लोगों के मानने न मानने से क्या र्फक पडÞता है । आप अपने को गुलाम नहीं बादशाह मान लो । हिसाब बेवाक । गुलामी की तो भी अपनी ही बीबी की की, किसी के बाप का क्या जाता है ।
नम्बर छहः खुदा-न-खास्ता कोई बाहर वाली भी हो तो उसका जिक्र भूल से भी घर वाली के सामने न करना । जैसे औरतें घर में खुद को पत्रि्रता दिखाती हैं, उसी तरह मर्द भी घर में अपनी वफा का सबूत देता रहे, इजहार करता रहे तो घर में शान्ति कायम रहती है । माहौल खुशनुमा रहता है । कुछ नौटंकी भी चला लो यार !
नम्बर सातः बीबी को कभी-कभार अपनी दरियादिली का जलवा भी दिखा दिया करो । मुहब्बत जब उफान पर हो तो शान से कहना- मेरी जान । आसमान से चाँद तारे तोडÞ कर लाने के झूठे वादे तो मैं नहीं कर सकता, मगर आज मैं तुम्हे बहुत कुछ दूंगा । तुम चाहो तो हिमालय का सरताज सगरमाथा -एभरेष्ट) ले लो । तुम कहो तो पोखरा का फेवा ताल तुम्हारे नाम कर दूं । चलो, जनकपुर का जानकी मन्दिर ही ले लो । भगवान राम जानकी की पूजार्-अर्चना करती रहना ।
एक बेवकूफ बीच में बोल उठा- चचा जान ! आज की बीवियाँ उडÞते परिन्दे के पर गिन लेती हैं । ऐसी झूठी दरियादिली को वे हजम नहीं कर पाएंगी ।
मैंने समझाया- कुछ हाजिर-जवाबी तो तुम्हें दिखानी ही होगी । कह देना, सारी दौलत यहीं धरी रह जाएगी । साथ कुछ भी जाने वाला नहीं है । सारी दुनियाँ को अपनी ही जानो-मानो । इस में झूठ की बिल्कुल गंुजाइश नहीं है । मान लो सारी नियामतें अपनी हैं । सारी खुदाई बीबी के नाम कर दो । बीबी का मूडÞ झकास हो जाएगा । समूचा नेपाल उसके हवाले कर दो । तब दिन को चैन की वंशी बजाओ और रात को लम्बी तान कर सो जाओ ।
जाते-जाते एक अचूक दवा बता देता हूँ । घर का माहौल आपकी गल्ती से बेहद बिगडÞा हुआ है तो बीवी को अकेले में दो टके की मुसकराहट चेहरे पे रगडÞ कर बोल देना- आईएम सरी ! देखना जादू सा असर करेगा । शेरनी बीवी भी चन्द लम्हों में प्यार से दुम हिलाती नजर आएगी ।
मैं मुकुन्द आचार्य अपने पूरे होशोहवास में यह ऐलान करता हूँ कि ७० सालों की कठोर तपस्या पूरी करने के बाद यह बीबी-वशीकरण मन्त्र मेरे हाथ लगा है । इस मन्त्र पर शक करने पर नैतिक जर्ुम माना जाएगा ।
स्वामी मकुन्दाचार्य ने कहीं पर क्या खूब फरमाया है-
या खुदा तेरी इस खुदाई में,
मियां-बीवी भी प्यार से जीएं !
हमप्याला-हमनिवाला बन कर
जामे-मुहब्बत ताउम्र छक कर पीएं !!


