Sun. Apr 26th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

मोदी की जनकपुर यात्रा को रोकने की सरकारी लॉविंग

 

modiश्वेता दीप्ति, काठमाणडू,१० नवम्बर । कितनी अजीब बात है कि एक राष्ट्र अपनी ही कमजोरियों का ढिंढोरा पीट रहा है । समझ में नहीं आ रहा कि इनकी इस सनक के लिए इन्हें शाबाशी दी जाय या फिर इनकी लाचारी पर तरस खाया जाय । यों तो सार्क सम्मेलन में आठ देशों के राजनयिक आ रहे हैं लेकिन एक बार फिर मोदी जी का आगमन विशेष चर्चा में है । इसलिए नहीं कि वो नेपाल आ रहे हैं, बल्कि इसलिए कि वो मधेश भ्रमण के इच्छुक हैं और मधेश को सम्बोधित करना चाह रहे हैं । इससे मधेश जहाँ उत्साहित है वहीं सत्ता के सबल पक्ष की बौखलाहट चरम सीमा पर है । कल तक जो इस बात से खुश थे कि मोदी ने मधेश को नकारा है आज उनकी पेशानी पर बल पड़े हुए हैं । कहीं ना कहीं उन्हें यह डर सता रहा है कि मोदी जी के मधेश भ्रमण में उनकी मधेश नीति का भांडा ना फूट जाय । बिना किसी एजेन्डे के रामशरण  महत और गगन थापा दिल्ली में हाजिर हैं, अपवाहों का दौर जारी है और हर सम्भव कोशिश की जा रही है कि मोदी की मधेश यात्रा को रोकी जाय । उन्हें जनकपुर की जगह मुक्तिनाथ की रमणीय पहाड़ियों की सैर के लिए प्रेरित किया जा रहा है । पहाड़ खूबसूरत है और इसमें कोई शक नहीं कि इसकी उँची श्रृंखलाएँ मन को खींचती है मोदी स्वयं हिमालय का आनन्द ले चुके हैं । इसलिए मजा तो इसमें है कि मोदी जी मधेश जाएँ और नेपाल की रीढ़ मधेश की, खस्ता हालत को देखें और मधेशियों की स्थिति से रुबरु हों ।

यह भी पढें   जनकपुरधाम में धूमधाम से मनाया जा रहा है जानकी नवमी

आज जिस सुरक्षा और सुविधा की कमी का रोना हमारी सरकार कर रही है आखिर उन्होंने उसे दूर क्यों नहीं किया ? सार्क अनायास तो नहीं हो रहा और न हीं मोदी ने अनायास जनकपुर यात्रा की बात की है तो आखिर इसकी तैयारी में ढील क्यों दी गई ? अगर सड़कें टूटी हैं तो क्यों ? आखिर एक दिन में सड़कें तो नहीं टूटी होंगी और सबसे अहम बात यह कि पर्यटन और धर्मस्थल के रूप में जिस जनकपुर को विश्व में पहचान दिलाने की बात हो रही है, देश के सर्वोच्च पद पर जहाँ का व्यक्ति सुशोभित है वहाँ के हालात ऐसे क्यों हैं ? एक नमूना पूरे क्षेत्र का निदर्शन करता है, जाहिर है कि इन खस्ता हाल सड़कों से मधेश की हालत का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है और शायद सत्ता पक्ष की बैचेनी का कारण भी यही है । और अगर सुरक्षा में सेंध है तो हमारी सुरक्षा निकाय क्या कर रही है ? पिछले कुछ दिनों में जितने भी गैरन्यायिक प्रकरण मधेश से जुड़े हैं और सत्ता की ओर से जिस दमन नीति का चक्र चलाया जा रहा है शायद यह बात भी उन्हें ऐसा करने के लिए उकसा रही हो, क्योंकि जिस तरह का माहौल तैयार किया जा रहा है उससे तो ऐसी ही शंकाएँ मधेश के मन में उपज रही हैं । कोई बहुत बड़ी बात नहीं होगी कि सुरक्षा और सुविधा के नाम पर मोदी के सम्भावित मधेश यात्रा को रोक दिया जाय । देखें नीयत और नियति में किसकी चलती है । (खबर है कि दिल्ली गए सरकार के प्रतिनिधि इस बात पर जोर दे रहे हैं कि जनकपुर की सड़क बहुत खराब है मोदी जी को मुक्तिनाथ की सैर कराई जाय । जनकपुर में जानबूझकर सड़क मरम्मत में देर कराई जा रही है । मोदी भ्रमण से आतंकित सरकार इसे रोकने के लिए विभिन्न बहाने खोजने में व्यस्त है । काँग्रेस और एमाले की सरकार को डर है कि मोदी जी के मधेश भ्रमण से मधेश मुद्दे को बल मिलेगा । अभी तक मोदी जी को खुला मंच से सम्बोधन करने के लिए निमंत्रण नहीं भेजा गया है । )

अमरेश सिंह ने कोइराला को दी चेतावनी ः

नेपाली काँग्रेस के मधेशी साँसद द्वारा कल प्रधानमंत्री सुशील कोइराला से मिलकर सात प्रदेश के प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति जताई है । इस अवसर पर काँग्रेस साँसद अमरेश सिंह ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर मोदी जी को मधेश भ्रमण से रोका गया तो पूरा मधेश काँग्रेस विरोधी हो जाएगा और इसके लिए प्रधानमन्त्री जिम्मेदार होंगे ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed