सरकार ने नागरिकता अधिनियम में संशोधन करने वाले विधेयक को मंजूरी दी
सरकार ने नागरिकता अधिनियम में संशोधन करने वाले विधेयक को मंजूरी देने का फैसला किया है।
सूत्राें केअनुसार विधेयक में उन बच्चों को जिनके पिता विभिन्न कारणों से अज्ञात हैं , नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान प्रस्तावित है ।
नागरिकता संशोधन विधेयक में तीन मुख्य प्रावधान हैं।
सबसे पहले, विधेयक में प्रस्ताव किया गया है कि यदि किसी बच्चे के किसी भी प्रकार के प्रमाण पत्र में पिता का नाम अंकित है, लेकिन पिता संपर्क में नहीं है या उसकी पहचान नहीं हो पाई है, तो उन्हें इस धारणा पर नागरिकता दी जानी चाहिए कि पिता की पहचान नहीं हो पाई है।
इसी प्रकार, विदेश में माता के रहते हुए जन्मे बच्चों को पिता की पहचान के आधार पर नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, तथा यदि पिता की पहचान नहीं है, तो भी माता के नाम के आधार पर नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
इसके अतिरिक्त, विधेयक में उन बच्चों को भी नागरिकता देने का प्रावधान है जिनके पिता की मृत्यु की जानकारी नहीं है।
उन्होंने बताया कि नाबालिगों का पहचान पत्र पहले नागरिकता अधिनियम में शामिल नहीं था, लेकिन इसे भी अधिनियम में शामिल किया जाएगा। राज्य उन बच्चों को, जो नागरिकता प्राप्त करने की कानूनी आयु के नहीं हैं, उनके नाबालिग पहचान पत्र के आधार पर पासपोर्ट और अन्य सुविधाएं प्रदान कर रहा है।
इसके अलावा, मंत्री ने बताया कि यह अधिनियम एनआरएन नागरिकता प्राप्त करने वाले लोगों को सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक अधिकार प्रदान करने के मुद्दे को भी स्पष्ट करता है।

