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सत्ता और विपक्षी सांसदों के बीच सार्वजनिक लेखा समिति में तीखी नोकझोंक

 

माओवादी, एमाले और स्वतंत्र सांसदों के बीच बैठक के दौरान बढ़ा तनाव, सभापति ने की दलविहीनता की अपील

काठमांडू, 21 मई 2025 (जेठ 7, 2082)। प्रतिनिधिसभा अन्तर्गत सार्वजनिक लेखा समिति की बुधवार को हुई बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के सांसदों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हुई। नेपाली कांग्रेस, माओवादी केन्द्र, नेकपा एमाले और स्वतंत्र सांसदों के बीच बैठक कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बन गया।

माओवादी केन्द्र के सांसद अमनलाल मोदी ने सत्तारूढ़ पार्टी के सांसद को समिति का सभापति बनाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परंपरा के अनुसार जिस पार्टी का प्रधानमंत्री होता है, उसी पार्टी के सांसद को लेखा समिति का सभापति नहीं बनना चाहिए। मोदी के इस बयान पर एमाले सांसद गोकुल बास्कोटा और योगेश भट्टराई ने विरोध जताया और बहस तेज हो गई।

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स्वतंत्र सांसद अमरेशकुमार सिंह ने भी आरोप लगाया कि केवल एमाले सांसदों को बोलने का अवसर दिया जा रहा है। इसके जवाब में सभापति ऋषिकेश पोखरेल ने बैठक का राजनीतिकरण न करने की अपील की और स्पष्ट किया कि नाम सचिवालय द्वारा तय किया गया है, व्यक्तिगत रूप से नहीं।

एकीकृत समाजवादी पार्टी के सांसद प्रेम आले ने भी दो बार बोलने की अनुमति की मांग करते हुए कहा कि यदि सत्ता पक्ष को दो बार बोलने दिया गया है, तो विपक्ष को भी समान अवसर मिलना चाहिए।

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सांसदों के बीच चली बहस के बीच, सभापति पोखरेल ने सभी से संयम बरतने और नियमावली के तहत बैठक संचालन में सहयोग करने का आग्रह किया।

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