झलनाथ खनाल का आरोप: चुनावी हार का मुख्य कारण दक्षिणपंथी कार्यदिशा, नीति और कार्यक्रम

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) के वरिष्ठ नेता झलनाथ खनाल ने पार्टी की हालिया चुनावी पराजय के लिए नेतृत्व द्वारा अपनाई गई दक्षिणपंथी कार्यदिशा, नीतियों और कार्यक्रमों को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया है।
खनाल ने पार्टी संयोजक पुष्पकमल दाहाल (प्रचण्ड) को 24 पृष्ठों का 36-बिंदुओं वाला असहमति पत्र लिखकर यह आरोप लगाया। पत्र में उन्होंने पार्टी की वैचारिक और राजनीतिक दिशा पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं।
खनाल ने लिखा है कि किसी भी देश में क्रांति या राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया की सफलता अथवा विफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसका नेतृत्व कर रही कम्युनिस्ट पार्टी सही वैचारिक और राजनीतिक कार्यदिशा अपनाती है या नहीं।
उन्होंने प्रचण्ड से प्रश्न करते हुए कहा—
“कामरेड प्रचण्ड! आपकी नेतृत्वकारी कार्यदिशा पार्टी को किस दिशा में ले जाना चाहती है? अब समय आ गया है कि इस विषय पर सभी गंभीरता से विचार करें।”
खनाल का कहना है कि नेपाल के कम्युनिस्ट आंदोलन को जो पराजय झेलनी पड़ी है, उसका प्रमुख कारण आंदोलन के नेतृत्व द्वारा अपनाई गई दक्षिणपंथी नीति और कार्यक्रम हैं। उनका मानना है कि जब तक इन मूलभूत नीतिगत कमियों को नहीं सुधारा जाएगा, तब तक न तो पार्टी का वास्तविक एकीकरण और पुनर्गठन संभव होगा और न ही समाजवादी क्रांति आगे बढ़ सकेगी।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि अनुभवों ने यह सिद्ध कर दिया है कि किसी भी आंदोलन या संगठन की दिशा और सफलता का निर्धारण सही नीति और सक्षम नेतृत्व से होता है।
खनाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अब भी पार्टी सही कार्यदिशा और प्रभावी नेतृत्व विकसित नहीं कर पाई, तो वर्तमान संकट और पराजय से उबरना अत्यंत कठिन हो जाएगा। उनके अनुसार, कम्युनिस्ट आंदोलन को पुनर्जीवित करने के लिए वैचारिक स्पष्टता, संगठनात्मक सुधार और सही राजनीतिक नेतृत्व आवश्यक है।