Mon. Apr 20th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

पत्रकारों के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट वापस लिए जाएं : नेकपा माओवादी केन्द्र

 

29 जेष्ठ, काठमांडू

नेकपा माओवादी केन्द्र   ने कहा है कि समाचार हटाने का न्यायालय का आदेश संविधान के विरुद्ध है। पार्टी के उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता अग्नि प्रसाद सापकोटा ने एक बयान में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि पार्टी ने समाचार प्रसारित करने के आधार पर पत्रकार दिलभूषण पाठक के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी करने तथा नेपालखबर.कॉम एवं बिजमांडू.कॉम पर प्रकाशित समाचार को हटाने के आदेश की घटना की ओर गंभीरता से ध्यान आकर्षित किया है।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 18 अप्रैल 2026 शनिवार शुभसंवत् 2083

उन्होंने आगे लिखा, “सरकार द्वारा इस प्रकार की कार्रवाई प्रेस की स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भावना के विरुद्ध है।”

यह स्मरणीय है कि यदि समाचार सामग्री में कोई त्रुटि, पक्षपात या तथ्यात्मक कमजोरी है, तो उसे हल करने के लिए प्रेस परिषद सहित नियामक निकायों के माध्यम से खंडन या विरोध करने की विधि स्थापित की गई है। हालांकि, सरकार ने सीधे गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं और असहिष्णुता एवं दमन की नीति अपनाई है, और आगे कहा गया है, “यह लोकतांत्रिक भावना के विरुद्ध है।”

यह भी पढें   धनुषा में 4 करोड़ की लागत से विद्यालय भवन का शिलान्यास

माओवादी केंद्र हमेशा से स्वतंत्र, जिम्मेदार और तथ्य आधारित पत्रकारिता के पक्ष में रहा है और उसने पुरजोर मांग की है कि प्रेस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ कोई भी गतिविधि न की जाए और पत्रकारों के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट वापस लिए जाएं। माओवादियों के अनुसार, स्वतंत्र प्रेस लोकतंत्र के स्तंभों में एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना और नागरिक अधिकारों को सुनिश्चित करना समावेशी लोकतंत्र की मूल भावना है। बयान में कहा गया है, “हम सरकार और सभी दलों से लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रणालियों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की पुरजोर अपील करते हैं।”

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *