Mon. Jun 22nd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

35 मिनट की मोदी और ट्रम्प बातचीत: क्या-क्या हुआ चर्चा का

 

नीचे भारत के विदेश सचिव विवेक मिश्री द्वारा जारी किए गए संदेश के आधार पर, आज पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई फोन वार्ता की मुख्य बातें हिंदी में दी जा रही हैं:

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत अब आतंकवाद को “प्रॉक्सी वार” नहीं मानता, बल्कि इसे “वास्तविक युद्ध” मानकर जवाब देगा ।

उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल में भारत-पाकिस्तान के बीच बनी रुकावट संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता से नहीं, बल्कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीधे बातचीत के ज़रिए बनी थी ।

यह भी पढें   बाजुरा बस दुर्घटना – २३ लोग घायल

मोदी ने दोहराया कि भारत ने कभी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की और भविष्य में भी नहीं करेगा ।

उन्होंने ट्रंप को “ऑपरेशन सिंदूर” की प्रगति और भारत का आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट रुख बताया, जिसने पाकिस्तान के आतंकवादी(Objectives) ठिकानों को निशाना बनाया ।

समय-सारिणी और निमंत्रण

यह बातचीत G7 सम्मेलन के दौरान ट्रंप के आग्रह पर हुई, जो दोनों के बीच व्यक्तिगत मुलाक़ात अधर में होने के बाद हुई थी ।

ट्रंप ने G7 के बाद मोदी को अमेरिका आने का निमंत्रण दिया, लेकिन मोदी ने पहले से निर्धारित कार्यक्रमों के कारण मना कर दिया और इसके स्थान पर ट्रंप को भारत आने का आमंत्रण दिया, जिसे ट्रंप ने स्वीकार किया ।

यह भी पढें   देउवा दम्पत्ति का अनुरोध हम जाँच में सहयोग करेंगे गिरफ्तारी वारंट जारी ना करें

निश्कर्ष

आंतरिक सुरक्षा रुख आतंकवाद को अब युद्ध के रूप में देखा जाएगा
मध्यस्थता पर रुख तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं
डीप स्ट्राइक ऑपरेशन ऑपरेशन सिंदूर सफल और प्रगति पर
द्विपक्षीय संबंध दोनों नेताओं का संवाद और भविष्य में मुलाक़त की संभावना

इस फोन कॉल ने एक स्पष्ट मैसेज भेजा है कि भारत अपनी विदेश नीति में तीसरी पार्टी को शामिल नहीं करने का दृढ़ संकल्प रखता है। साथ ही, यह भी संकेत मिलते हैं कि अमेरिका-भारत संबंध गहन और रणनीतिक रूप से आगे बढ़ रहे ह

यह भी पढें   काठमांडू में भव्य रूप से संपन्न हुई रातो मच्छिन्द्रनाथ की भोटो जात्रा, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रहे मौजूद

इस फोन कॉल ने एक स्पष्ट मैसेज भेजा है कि भारत अपनी विदेश नीति में तीसरी पार्टी को शामिल नहीं करने का दृढ़ संकल्प रखता है। साथ ही, यह भी संकेत मिलते हैं कि अमेरिका-भारत संबंध गहन और रणनीतिक रूप से आगे बढ़ रहे हैं।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *