नेपाल-तिब्बत व्यापार सहजीकरण समिति की 13वीं बैठक सम्पन्न: नेपाल ने चार सीमा नाकों के स्तरोन्नति का आग्रह किया

ल्हासा/काठमांडू, 20 जून 2025, पर्शुराम काफ्ले । नेपाल-तिब्बत व्यापार सहजीकरण समिति की 13वीं बैठक 17 और 18 जून को चीन के स्वशासित क्षेत्र तिब्बत (अब आधिकारिक रूप से सिजाङ कहे जाने वाले) की राजधानी ल्हासा में सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। बैठक में नेपाल ने चीन से चार प्रमुख सीमा नाकों — तातोपानी (अरनिको राजमार्ग), कोरला (मुस्ताङ), ओलाङचुङगोला (ताप्लेजुङ) और किमाथांका (संखुवासभा) — के स्तरोन्नति और पूर्वाधार निर्माण में सहयोग की अपील की।
डिजिटल परिचयपत्र की पहल
बैठक में सीमावर्ती जिलों के नागरिकों को डिजिटल परिचयपत्र जारी कर सीमापार आवाजाही सरल बनाने पर भी चर्चा हुई। पहले हाथ से लिखे परिचयपत्र पर आधारित 30 किलोमीटर तक के सीमा आर-पार यात्रा की अनुमति थी, जिसे अब इलेक्ट्रोनिक परिचयपत्र के माध्यम से व्यवस्थित किया जाएगा। नेपाल पहले ही इसका प्रारूप तैयार कर चुका है और अब चीन के सुझावों के अनुसार अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है।
बैठक में भागीदारी
नेपाल की ओर से उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मन्त्रालय के सहसचिव विपिन आचार्य के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया, जिसमें गृह, कृषि, अर्थ मंत्रालयों के अधिकारी और ल्हासा स्थित नेपाली महावाणिज्यदूत लक्ष्मीप्रसाद निरौला शामिल थे। चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व तिब्बत जनसरकार के उपमहासचिव वाङ किचुन ने किया।
व्यापार के लिए बैंकिंग सहजीकरण
सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार करने वाले नागरिकों के लिए दोनों देशों में बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया को सरल बनाने पर सहमति बनी है, जिससे भुगतान सम्बन्धी समस्याओं को सुलझाया जा सके।
व्यापार प्रदर्शनी का नया नाम
भविष्य में आयोजित होने वाली तिब्बत-नेपाल व्यापार प्रदर्शनी का नाम अब “सिजाङ-नेपाल आर्थिक, व्यापार तथा निवेश प्रदर्शनी” होगा। यह परिवर्तन चीन द्वारा “तिब्बत” की बजाय “सिजाङ” नाम के प्रयोग को प्राथमिकता देने के अनुरूप किया गया है।
विद्युतीय ट्रक से परिवहन लागत घटेगा
बैठक के दौरान नेपाली प्रतिनिधिमंडल ने सिगात्से स्थित सुक्खा बन्दरगाह का भ्रमण भी किया, जहाँ अधिकारियों ने नेपाल के लिए कंटेनर ढुलाई हेतु विद्युतीय ट्रक परिचालन की योजना की जानकारी दी। इस ट्रक सेवा से ढुलाई खर्च में लगभग 30 प्रतिशत तक की कमी आएगी।
चीन देगा स्थानीय पूर्वाधार में सहयोग
चीन की ओर से यह भी आश्वासन मिला कि वह नेपाल के सीमावर्ती जिलों में स्थानीय स्तर पर आवश्यक पूर्वाधार निर्माण में सहयोग करेगा। नेपाल ने अब तक 34 परियोजनाओं का प्रस्ताव दिया है, जिनमें से कुछ पहले से ही कार्यान्वयन की अवस्था में हैं। चीन ने नेपाल से और प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया है।
14वीं बैठक काठमांडू में होगी
दोनों पक्षों ने अगली — अर्थात 14वीं — बैठक नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की है। नेपाल ने इस दौरान एक-चीन नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
निष्कर्षतः, यह बैठक नेपाल-चीन के बीच व्यापारिक सहयोग और सीमावर्ती क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे। नया पत्रिका से

