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रेमिटेंस की बाढ़, लेकिन अर्थव्यवस्था सूखी: ११ महीनों में १५ खरब ३२ अरब रेमिटेंस नेपाल आया

 

काठमांडू, २५ असार २०८२ (बुधवार) वित्तीय वर्ष २०८१/८२ के पहले ११ महीनों में नेपाल में रेमिटेंस का प्रवाह रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) के अनुसार, यह प्रवाह १५ खरब ३२ अरब ९३ करोड़ नेपाली रुपये तक पहुँचा है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में १५.५% अधिक है।

पिछले साल की समान अवधि में यह राशि १३ खरब १७ अरब थी। अकेले २०८२ जेठ में ही १ खरब ७६ अरब ३२ करोड़ रेमिटेंस आया, जो पिछले साल की तुलना में लगभग ४८ अरब अधिक है।

साभार नयाँ पत्रिका

रेमिटेंस बढ़ा, पर अर्थव्यवस्था जमी हुई

राष्ट्र बैंक के पूर्व कार्यकारी निदेशक नरबहादुर थापा का मानना है कि रेमिटेंस की अधिकता के बावजूद अर्थव्यवस्था गतिशील नहीं हो पाई है। उनका कहना है कि सरकार केवल बजट पेश करती है लेकिन प्रभावी वित्त नीति नहीं बना पा रही, जिससे पूंजीगत खर्च (capital expenditure) नहीं बढ़ पा रहा है।

“सरकार को रेमिटेंस का नशा लग गया है। यह बनमारा (खतरनाक रूप से बढ़ने वाला पौधा) की तरह फैल रहा है,” थापा ने चेतावनी दी।

उनके अनुसार, सरकार ने वैकल्पिक वित्त कोष का प्रावधान तो किया है, लेकिन इसे लागू करने में असमर्थ रही है।

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सरकारी कोष में पैसा जमा, लेकिन खर्च नहीं

साभार नयाँ पत्रिका

जेठ मसान्त २०८१ तक सरकार के विभिन्न खातों में २ खर्ब ५१ अरब ५५ करोड़ नगद राशि मौजूद थी, जबकि २०८० असार मसान्त में यह मात्र ६५ अरब ३६ करोड़ था। लेकिन यह पैसा अर्थव्यवस्था में निवेश न होने से निष्क्रिय पड़ा है।

बैंकिंग आँकड़े: जमा बढ़ा, कर्ज धीमा

११ महीनों में बैंकिंग क्षेत्र में निक्षेप (जमा) ८% बढ़कर ५ खर्ब १७ अरब हुआ है, जबकि कर्ज प्रवाह केवल ८.०% की दर से बढ़ा है, जो पिछले वर्ष से थोड़ा बेहतर है लेकिन अभी भी धीमा है।

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निजी क्षेत्र को बैंकिंग कर्ज ४ खर्ब ७ अरब ६२ करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष यह वृद्धि २ खर्ब ४६ अरब थी।

चार वर्षों में सबसे कम मुद्रास्फीति

थपे ने कहा कि अर्थव्यवस्था की सुस्ती के चलते मुद्रास्फीति भी चार साल में सबसे नीचे पहुंच गई है। जेठ २०८२ में महंगाई दर केवल २.७२% रही, जो ०७७/७८ माघ के बाद की सबसे कम दर है।

  • खाद्य व पेय पदार्थ: ०.५४%
  • गैर-खाद्य व सेवा क्षेत्र: ३.९४%

पिछले वर्ष इन्हीं क्षेत्रों में मुद्रास्फीति क्रमशः ५.८५% और ३.०७% थी।

बाह्य क्षेत्र मजबूत, विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा

आर्थिक सुस्ती के बावजूद बाह्य क्षेत्रीय संकेतक सकारात्मक रहे:

  • शोधनान्तर स्थिति (Balance of Payment):
    • बचत में: ४ खर्ब ९१ अरब ४४ करोड़
    • पिछले वर्ष: ४ खर्ब २५ अरब
  • चालू खाता (Current Account):
    • बचत में: ३ खर्ब ७ अरब ३१ करोड़
    • पिछले वर्ष: २ खर्ब ३८ अरब
  • प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI):
    • ११ महिनों में ११ अरब ९ करोड़
    • पिछले वर्ष: ८ अरब २४ करोड़
  • विदेशी मुद्रा भंडार:
    • अमेरिकी डॉलर में: १८.६५ अरब
    • २०८१ असार में: १५.२७ अरब
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वर्तमान विदेशी मुद्रा भंडार १७.६ महीनों तक वस्तु आयात और १४.७ महीनों तक वस्तु एवं सेवा आयात को संभालने के लिए पर्याप्त है।

रेमिटेंस के अभूतपूर्व प्रवाह ने नेपाल के विदेशी मुद्रा भंडार और चालू खाते को मजबूत किया है, लेकिन यह “कागजी तरक्की” साबित हो रही है क्योंकि देश की आंतरिक अर्थव्यवस्था ठप पड़ी है। विशेषज्ञों की राय में यदि सरकार ने जल्द ही प्रभावी वित्तीय नीतियां नहीं अपनाईं, तो रेमिटेंस भी अर्थतंत्र के लिए दीर्घकालीन समाधान नहीं बन सकेगा। पवन तिमिल्सिना,
स्रोत: नयाँ पत्रिका

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