Sat. Apr 18th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

सामाजिक सुरक्षा कोष में योगदानकर्ताओं की संख्या २३ लाख के पार

 

काठमांडू, २३ जुलाई । सामाजिक सुरक्षा कोष में योगदानकर्ताओं की संख्या २३ लाख के पार हो गई है । एक कार्यक्रम के बाद कोष प्रवक्ता द्वारा जारी विज्ञप्ति में ऐसा कहा गया है । कोष की ओर से योगदान–आधारित सामाजिक सुरक्षा कोष संचालित है ।
प्रारंभिक चरण में औपचारिक क्षेत्र के निजी संगठित संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना शुरु की गई थी । बाद में वैदेशिक रोजगार में लगे श्रमिकों एवं विदेश में स्वरोजगार कर रहे व्यक्तियों के लिए योगदान–आधारित सामाजिक सुरक्षा योजना, अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों तथा स्वरोजगार कर रहे व्यक्तियों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना और सार्वजनिक निकायों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना का संचालन किया जा रहा है ।
कोष ने दावा किया है कि सामाजिक सुरक्षा कोष में रोजगारदाता एवं योगदानकर्ताओं की सूचीकरण संख्या तथा योगदान राशि संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है । जारी तथ्यांक अनुसार आ.व. २०८१÷८२ तक कुल रोजगारदाता सूचीकरण संख्या २०,९५१ तक पहुँच चुकी है, जबकि कुल योगदानकर्ता श्रमिकों की संख्या इस आ.व. २०८१÷८२ में अतिरिक्त ८,८२,९४६ की वृद्धि के साथ कुल २३,७४,४८६ हो चुकी है । जिसमें औपचारिक क्षेत्र में ६,०१,८२५, वैदेशिक क्षेत्र में १७,७१,५३७, तथा अनौपचारिक और स्वरोजगार क्षेत्र के श्रमिकों की संख्या १,१२४ है । आ.व. २०८१÷८२ में रु. २५ अर्ब ३६ करोड़ की अतिरिक्त योगदान राशि संग्रहण के साथ कुल संग्रहण राशि रु. ८३ अर्ब ६५ करोड़ तक पहुँच चुकी है ।
सामाजिक सुरक्षा कोष में आवद्ध होकर नियमित योगदान देने वाले योगदानकर्ताओं को कोष द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भुगतान किया जा रहा है । औषधोपचार, स्वास्थ्य एवं मातृत्व सुरक्षा योजना के अंतर्गत १,१०,६९६ योगदानकर्ताओं को २ अर्ब १५ करोड़, दुर्घटना एवं अपंगता सुरक्षा योजना के अंतर्गत ५,९३३ को २० करोड़, आश्रित परिवार सुरक्षा योजना अंतर्गत ७४५ व्यक्तियों को २६ करोड़ तथा वृद्धावस्था सुरक्षा योजना अंतर्गत १,१२,८६८ योगदानकर्ताओं को १३ अर्ब १३ करोड़ का भुगतान किया गया है । आ.व. २०८१÷८२ में ३ लाख ६२ हजार दावियों के भुगतान के माध्यम से रु. ५ अर्ब ८७ करोड़ सहित अब तक कुल ७ लाख ५६ हजार दावियों के माध्यम से कुल रु. १५ अर्ब ७५ करोड़ का भुगतान किया गया है ।
सापटी सुविधा के अंतर्गत विशेष सापटी में ३४,०२० योगदानकर्ताओं को रु. ६ अर्ब ९० करोड़, गृह सापटी में ६७ को रु. १३ करोड़, तथा शैक्षिक सापटी में १० योगदानकर्ताओं को रु. १ करोड़ सहित कुल ३४,०९७ योगदानकर्ताओं को ७ अर्ब ४ करोड़ की राशि भुक्तानी की गई है । कोष की सेवा प्रवाह को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावकारी बनाने हेतु इसी आ.व. २०८१÷८२ में अतिरिक्त २४ स्वास्थ्य संस्थानों सहित कुल १०७ स्वास्थ्य संस्थानों के डेडिकेटेड लाइन जडÞित कर सेवा प्रवाह किया जा रहा है । वैदेशिक रोजगारी, स्वरोजगार में लगे व्यक्तियों से कोष में योगदान संग्रहण को सहज बनाने हेतु १२ वित्तीय संस्थाओं के साथ आवश्यक सहकार्य हेतु समझौता किया गया है ।
कोष ने कहा है कि औपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना संचालन कार्यविधि में संशोधन स्वीकृत होकर, योगदानकर्ताओं के परिवार तक स्वास्थ्य सेवा का विस्तार इसी आ.व. में कार्यान्वयन में आ चुका है । आज से ५ वर्ष पहले केवल योगदानकर्ताओं तक सीमित स्वास्थ्य सेवा आज उनके परिवारजनों तक विस्तारित हो चुकी है । औषधोपचार की एक लाख की सीमा अब ऐसी स्थिति में, जहाँ अस्पताल में भर्ती होकर उपचार आवश्यक है, १० लाख तक की उपचार लागत में ५० प्रतिशत सह–भुगतान सुविधा के रूप में कोष द्वारा प्रदान की जा रही है । आगामी चार वर्षों में कोष से जुड़ने वाले श्रमिकों और उनके परिवार की स्वास्थ्य जिम्मेदारी राज्य द्वारा कोष मार्फत वहन किए जाने की दिशा में कार्य हो रहा है ।
कोष का मानना है कि कोष प्रत्येक श्रमिक की आधारभूत सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित कर, प्रत्येक नागरिक को सर्वव्यापी स्वास्थ्य सेवा तथा किसी भी प्रकार की अपंगता की स्थिति में भी आय की निरन्तरता सुनिश्चित करते हुए योगदान–आधारित पेंशन व्यवस्था के साथ राज्य की सामाजिक सुरक्षा को स्थायित्व प्रदान कर, समग्र रूप से संतुलित श्रम बाजार के माध्यम से उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित करने हेतु रणनीतिक रूप से कार्य कर रहा है ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *