नेपालगंज में ७५ लोगों ने किया रक्तदान, जनमत अभियान की ६६वीं श्रृंखला सम्पन्न
नेपालगंज/बांके – गोपाल–नीना फाउण्डेशन नेपाल और जनमत अर्ध साप्ताहिक के संयुक्त आयोजन में शनिवार (भाद्र २८ गते) नेपालगंज में भव्य रक्तदान कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर १२ महिलाओं और ६३ पुरुषों सहित कुल ७५ लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। बाँके ज़िले में खून की कमी को देखते हुए किया गया यह कार्यक्रम जनमत रक्तदान अभियान की ६६वीं श्रृंखला के रूप में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ फाउण्डेशन के संस्थापक अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पेट रोग विशेषज्ञ डा. गौरव श्रेष्ठ, सह–निदेशक डा. तृप्ति पाल रमण, हेल्थ याद आयो मोबाइल एप कम्पनी के कार्यकारी प्रमुख प्रज्वल चुके, जनमत अर्ध साप्ताहिक के सम्पादक पूर्णलाल चुके तथा नेपाल रेडक्रस सोसाइटी प्रादेशिक रक्त सञ्चार केन्द्र के प्रमुख उपेन्द्र रेग्मी सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया।
इस कार्यक्रम में चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, पत्रकार, औषधि व्यवसायी, जिम प्रशिक्षार्थी और नियमित स्वयंसेवी रक्तदाताओं की सक्रिय भागीदारी रही।
प्रमुख रक्तदाता
रक्तदान करने वालों में प्रमुख नामों में –
- अन्नपूर्ण राष्ट्रीय दैनिक के सह–सम्पादक शंकर प्रसाद खनाल
- साहित्यकार असफाक संघर्ष जसगढ़
- व्यवसायी लक्ष्मण प्रसाद वैश्य, पवन कुमार वैश्य, गौतम पौडेल
- समाजसेवी नीरजमान श्रेष्ठ
- नेपाल स्वयंसेवी रक्तदाता समाज राप्ती सोनारी के अध्यक्ष दिव्या गुरुङ,
- वडाध्यक्ष एवं समाज के सलाहकार लवराज खरेल,
- उपाध्यक्ष अमृता केसी
सहित अनेक व्यवसायी, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे।
सम्मान और टी–शर्ट वितरण
रक्तदाताओं को प्रोत्साहनस्वरूप फाउण्डेशन की सह–निदेशक डा. तृप्ति पाल रमण, समाज बाँके की अध्यक्ष दिला शाह, सम्पादक पूर्णलाल चुके और अन्य पदाधिकारियों ने टी–शर्ट वितरण किया।
तकनीकी सहयोग
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में नेपाल रेडक्रस सोसाइटी बाँके शाखा के प्रादेशिक रक्त सञ्चार सेवा केन्द्र के प्रमुख उपेन्द्र रेग्मी, होमराज गिरी, महेश राना क्षेत्री, महेश दहित, हिमांशु मौर्या समेत तकनीकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके अतिरिक्त फाउण्डेशन के रिसर्च अफिसर प्रतिभा पौडेल और अनूप आर्या, अन्नपूर्ण ग्याष्ट्रो केयर अस्पताल के कर्मचारी तथा विभिन्न संघ–संस्थाओं ने भी सक्रिय सहयोग दिया।
👉 जनमत अर्ध साप्ताहिक ने वि.सं. २०६३ वैशाख २९ से ही “रक्तदान जीवनदान” के महान उद्देश्य के साथ यह अभियान शुरू किया था, जो निरंतर जारी है और अब तक ६६ श्रृंखलाएँ सम्पन्न हो चुकी हैं।


