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संविधान की राह और समय पर चुनाव ज़रूरी : शंकर पोखरेल

 

काठमांडू, 30 भाद्र 2082 (सोमवार) । नेकपा एमाले (UML) के महासचिव शंकर पोखरेल ने सोमवार को च्यासल स्थित पार्टी मुख्यालय में आगजनी से क्षतिग्रस्त संरचनाओं का अवलोकन करने के बाद आयोजित कार्यक्रम में हाल की हिंसक घटनाओं पर गहरी चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान के लिए दशकों के संघर्ष से हासिल उपलब्धियों पर हमला होना बेहद दुखद और विनाशकारी है। सिंहदरबार, शीतल निवास जैसी ऐतिहासिक धरोहरों से लेकर नेपाल पुलिस के अधिकांश ढाँचों को नष्ट किया जाना, नेपाल के इतिहास का “सबसे विनाशकारी दिन” साबित हुआ।

पोखरेल ने युवाओं की जायज़ आकांक्षाओं—सुशासन, प्रभावी सेवा प्रवाह और विकास—का जिक्र करते हुए कहा कि UML ने इन्हें संबोधित करने के लिए 21 सूत्रीय कार्ययोजना तैयार की थी। “यदि युवाओं ने धैर्य रखा होता तो UML ही उनकी इच्छाओं को पूरा करने वाली पार्टी साबित होती, लेकिन 24 तारीख की घटनाओं ने देश को हिंसा और अराजकता में धकेल दिया,” उन्होंने कहा।

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उन्होंने उद्योग–व्यवसायों पर हुए हमलों, विशेषकर भाटभटेनी जैसे संस्थान पर आक्रमण को “नेपाल की उद्यमशीलता और आधुनिक व्यवसायिक दृष्टिकोण पर हमला” बताया।

महासचिव पोखरेल ने कहा कि संविधान को कमजोर करने की कोशिशें अस्वीकार्य हैं और सरकार को चाहिए कि दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करे। “राज्य की संरचनाओं को नष्ट करने वालों को दंडित किए बिना पुनर्निर्माण संभव नहीं है,” उन्होंने जोर देते हुए कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि UML सरकार को सुशासन कायम करने, भ्रष्टाचार खत्म करने और विकास–समृद्धि की राह तेज़ करने में सहयोग करने को तैयार है। लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अंतरिम सरकार की मुख्य ज़िम्मेदारी समय पर चुनाव कराना है, और उस पर ही ध्यान केंद्रित होना चाहिए।

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उन्होंने कहा, “लोकतांत्रिक पार्टियों को अब सड़क नहीं, संविधान की राह से जनमत लेना होगा। स्थिरता और विकास का आधार संविधान ही है।”

पार्टी की क्षतिग्रस्त संरचनाओं के पुनर्निर्माण के बारे में पोखरेल ने कहा कि सफ़ाई और पुनर्संरचना का कार्य तुरंत शुरू होगा। साथ ही UML राज्य की संस्थाओं के साथ मिलकर स्वैच्छिक सहयोग भी करेगी।

अंत में उन्होंने बताया कि UML असोज 3 को संविधान दिवस देशभर मनाएगी। “इस बार हम खंडहर और राख के बीच खड़े होकर संविधान निर्माण की परिकल्पना को पूरा करने का संकल्प लेंगे। UML और अधिक एकजुट होकर जनता की भावनाओं को संबोधित करने की ताकत के साथ विकास और समृद्धि की यात्रा में आगे बढ़ेगी,” उन्होंने कहा।

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(रिपोर्ट: च्यासल स्थित UML मुख्यालय में दिए गए शंकर पोखरेल के संबोधन पर आधारित)

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