मधेश सरकार में समर्थन लेकिन हिस्सेदारी नहीं : लोसपा का बड़ा एलान
सुरेन्द्र कुमार झा का बयान ।लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी नेपाल यह स्पष्ट रूप से कहना चाहती है कि हमारा मूल मूल्य–मान्यता, राजनीतिक आदर्श, और मधेश व मधेशी जनता की भावना केवल सत्ता प्राप्ति नहीं, पूर्ण संघीयता (प्रभु सत्ता) की स्थापना के लिए संघर्ष करना है।
इसीलिए हम मधेश प्रदेश सरकार को समर्थन तो दे सकते हैं, लेकिन सरकार में हिस्सेदारी लेना इस संघर्ष की भावना के विपरीत होगा। इसी प्रकार, जसपा–नेपाल और जनमत पार्टी को भी इस सरकार में शामिल न होने की मेरी प्रबल अपेक्षा है।
मधेश केंद्रित पार्टियों का अपमान
जेन–जी आन्दोलन के बाद संघीय सत्ता से हटाई गई पार्टियाँ नेकपा एमाले और नेपाली कांग्रेस, सात वर्षों में पहली बार मधेश प्रदेश का नेतृत्व कर रही हैं। यह स्थिति मधेश केंद्रित दलों के लिए एक राजनीतिक अपमान है और उन युवाओं का भी अपमान है जिन्होंने भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपने जीवन तक की आहुति दे दी।
धारा 168(2) का कार्यान्वयन—एक ऐतिहासिक कदम
हमने संविधान के धारा 168(2) को लागू करवाने का जो निर्णय लिया, वह बिल्कुल आवश्यक और प्रशंसा योग्य है। यह लोकतंत्र, संघीयता और प्रदेश की स्वायत्तता की रक्षा का कदम है।

प्रचण्ड से अपेक्षा, और हमारा भ्रम
हम मानते थे कि परिवर्तनकारी व्यक्तित्व अभी भी नेता क. प्रचण्ड जी में है, लेकिन वर्तमान सरकार गठन में उनकी भूमिका ने हमें भ्रममुक्त कर दिया। हमें समझ में आ गया कि वे केवल परिवर्तन की भाषा बोलते हैं, लेकिन व्यवहार में उनका झुकाव छद्म राजनीतिक खेलों की ओर है।

कृष्णा यादव को शुभकामनाएँ
मैं नेपाली कांग्रेस के मधेश प्रदेश संसदीय दल के नेता आदरणीय कृष्णा यादव जी को मुख्यमन्त्री बनने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ देता हूँ।
आशा है कि आप इस बात को याद रखेंगे कि आज इस पद के लिए मूल राजनीतिक आधार लोसपा नेपाल द्वारा निर्मित किया गया है, और आप उसी आधार पर मधेश की संवैधानिक मांगों को आगे बढ़ाएँगे।
आज की आवश्यकता – मधेश पक्षधर शक्तियों की एकता
आज सबसे बड़ी आवश्यकता है कि संघीयता, पहचान और मधेश समर्थक सभी राजनीतिक धाराएँ एकजुट हों और बिना किसी शर्त के संघर्ष जारी रखें। सुरेंद्र कुमार झा के स्टेटस से

