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जेंजी आंदोलन में भारी क्षति: 77 की मौत, 84 अरब से अधिक का नुकसान

 

काठमांडू, १० दिसंबर २०२५ – जेंजी आंदोलन के दौरान हुई क्षति का आकलन और सार्वजनिक संरचनाओं के पुनर्निर्माण की योजना तैयार करने के लिए गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को सौंप दी है।

राष्ट्रीय योजना आयोग के सचिव और समिति के संयोजक रविलाल पंत ने सिंहदरबार में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में रिपोर्ट का सार प्रस्तुत किया। सरकार के निर्णय के बाद २० सितंबर २०२५ को गठित इस समिति ने ७५ दिनों में अपनी रिपोर्ट पूरी की।

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मानवीय क्षति

· ७७ लोगों की मौत: २० सितंबर को २०, २१ सितंबर को ३७ और बाद में २० लोगों की जान गई।
· २,४२९ घायल: इनमें १७ लोग १३ वर्ष से कम उम्र के और १,४३३ लोग १३ से २८ वर्ष के हैं।

भौतिक क्षति (कुल: ८४ अरब ४५ करोड़ ७७ लाख रुपये)

· २,६७१ भवन क्षतिग्रस्त: अनुमानित नुकसान ३९ अरब ३१ करोड़ ७५ लाख रुपये।
· १२,६५९ वाहन नष्ट: नुकसान लगभग १२ अरब ९३ लाख ६१ हजार रुपये।
· २,१६८ संस्थान/निकाय प्रभावित

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क्षेत्रवार क्षति

· सरकारी/सार्वजनिक क्षेत्र: ४४ अरब ९३ करोड़ ७३ लाख रुपये
· केंद्र सरकार: ६८%
· प्रदेश सरकार: १०%
· स्थानीय स्तर: २२%
· निजी क्षेत्र: ३३ अरब ५४ करोड़ ८७ लाख रुपये
· सामुदायिक एवं अन्य क्षेत्र: ५ अरब ९७ करोड़ १७ लाख रुपये

विस्तार

आंदोलन से नेपाल के सातों प्रदेशों के ५४ जिलों और २६२ स्थानीय स्तरों को नुकसान पहुंचा है। समिति ने पुनर्निर्माण के लिए एक कार्ययोजना भी प्रस्तुत की है, जिसके लिए लगभग ३६ अरब ३० करोड़ २१ लाख रुपये के बजट की आवश्यकता होगी।

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