Fri. Jun 5th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

हेटौंडा में भारतीय शास्त्रीय ओडिसी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति

 

बीरगंज (नेपाल), 13 दिसंबर 2025।
भारत के महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज (नेपाल) तथा भारतीय राजदूतावास, काठमांडू (नेपाल) द्वारा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर), नई दिल्ली के सहयोग से 12 दिसंबर 2025 को हेटौंडा के भैरव रोड स्थित पूजा बैंक्वेट में भारत से पधारीं प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना सुश्री संध्या मनोज एवं उनके समूह द्वारा ओडिसी नृत्य की भव्य प्रस्तुति आयोजित की गई। इससे पूर्व 10 दिसंबर 2025 को जनकपुरधाम में भी इसी प्रकार की प्रस्तुति आयोजित की गई थी।

धार्मिक देवी-देवताओं पर आधारित इस अत्यंत सजीव, मनमोहक एवं भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुति में ओडिसी नृत्य की पारंपरिक मुद्राओं, भाव-भंगिमाओं और ताल-लय का सुंदर संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों से आए 400 से अधिक दर्शकों की उपस्थिति रही, जिन्होंने कलाकारों की प्रस्तुति की मुक्तकंठ से सराहना की।

यह भी पढें   भारत के सहयोग से बनने वाले विद्यालय का शिलान्यास बाणिज्य महादूत तथा मेयर ने संयुक्त रूप से किया

कार्यक्रम में मकवानपुर जिले के प्रमुख जिला अधिकारी (सीडीओ) श्री बसंत अधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में मकवानपुर जिले के पुलिस अधीक्षक श्री सुवासचंद्र बोहरा, मदन भंडारी स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान के उपकुलपति प्रो. डॉ. प्रदीप ज्ञवाली, मकवानपुर उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष श्री प्रमोद सिंह रानाभाट तथा कृषि उद्यम केंद्र के अध्यक्ष श्री अरुण राज सुमार्गी शामिल रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमुख अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। स्वागत संबोधन में महावाणिज्य दूत श्री डी. एस. मीना ने भारत और नेपाल के बीच युगों पुराने, गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों पर प्रकाश डाला। वहीं, मुख्य अतिथि श्री बसंत अधिकारी ने अतीत में आयोजित ऐसे शास्त्रीय कला कार्यक्रमों को स्मरण करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन दोनों देशों के बीच जन-जन के संपर्क को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह भी पढें   उपकार सेवा नेपाल द्वारा वृद्ध-वृद्धा, माता-पिता तथा बालबालिकाओं के लिए उपयोग की सामग्री वितरण

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा कलाकारों को सम्मानित किया गया तथा दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ प्रस्तुति की सराहना की। यह आयोजन भारत-नेपाल सांस्कृतिक मैत्री को और अधिक प्रगाढ़ करने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *