मधेश में भारत सरकार की 86 परियोजनाएँ स्वीकृत, लगभग डेढ़ हजार एम्बुलेंस और स्कूल बसों का सहयोग
कैलास दास, जनकपुरधाम, 4 पुष।भारत सरकार ने मधेश प्रदेश में अब तक 86 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को स्वीकृति देने के साथ-साथ लगभग डेढ़ हजार एम्बुलेंस और स्कूल बसें सहयोगस्वरूप उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी है।
वीरगंज स्थित भारतीय महावाणिज्यदूत देवी सहाय ‘मीना’ ने धनुषा जिले के मुखियापट्टी मुसहरनिया गांवपालिका के तुलसियाही जब्दी स्थित एक विद्यालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी।
महावाणिज्यदूत मीना के अनुसार भारत–नेपाल विकास साझेदारी के अंतर्गत मधेश प्रदेश में 86 उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाएँ (HICDP) स्वीकृत की गई हैं। इनमें से 61 परियोजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 25 परियोजनाएँ वर्तमान में कार्यान्वयन के चरण में हैं।
उन्होंने बताया कि मधेश प्रदेश में स्वीकृत परियोजनाओं में 52 शिक्षा क्षेत्र से संबंधित हैं, 6 स्वास्थ्य क्षेत्र से, 8 सड़क एवं पुल निर्माण से, 1 नदी तटबंध प्रबंधन से, 2 सिंचाई से, 3 संस्कृति संरक्षण एवं संवर्द्धन से, 5 विद्युतीकरण से तथा 9 अन्य मिश्रित क्षेत्रों से संबंधित हैं।
धनुषा जिले में ही कुल 21 परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 13 पूरी हो चुकी हैं और 8 परियोजनाओं पर निर्माण कार्य जारी है।
परियोजनाओं के अतिरिक्त भारत सरकार ने अब तक नेपाल को 1049 एम्बुलेंस और 381 स्कूल बसें सहयोगस्वरूप प्रदान की हैं। इनमें से मधेश प्रदेश को 232 एम्बुलेंस और 40 स्कूल बसें प्राप्त हुई हैं। धनुषा जिले को ही 46 एम्बुलेंस और 11 स्कूल बसें प्रदान की गई हैं।
महावाणिज्यदूत मीना के अनुसार ये एम्बुलेंस और स्कूल बसें स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में त्वरित प्रतिक्रिया सेवा तथा आधारभूत संरचना के महत्वपूर्ण अंग हैं, जो दूर-दराज के समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा की पहुँच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाएँ भारत–नेपाल विकास साझेदारी की एक महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। विद्यालय, कॉलेज, अस्पताल, जल निकासी, नदी तटबंध प्रबंधन जैसे नेपाल सरकार के प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में जमीनी स्तर से आधारभूत संरचना का विकास कर जनता के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से इन परियोजनाओं को कार्यान्वित किया जा रहा है।


