जन भावना का सम्मान करें, ठोरीवासियों का आग्रह
रमेश पोखरेल, काठमान्डू, ८ गते ।
पर्सा जिला के ठोरी निवासी जो काठमान्डू में रहते हैं उन्होंने मनमानी ढंग से जनता की भावना के विपरीत जिला नेतृत्व के वक्तव्य जारी करने पर आपत्ति जताई है ।
आज ८ गते काठमान्डू के कालीमाटी में हुए कार्यक्रम में ठोरीवासी की बड़ी उपस्थिति थी । उन्होंने आग्रह किया कि जनता की भावना का सम्मान करें और उनके विपरीत वक्तव्य ना दें । वि.सं.२०३४साल में पूर्व ठोरी चितवन जिला में था । फिर पंचायती व्यवस्था में सदरमुकाम पहुँचने में असहजता का कारण दिखाते हुए ठोरी को चितवन से पर्सा में समायोजन कर दिया गया ।
सीमांकन तथा संघीयता के पूर्व स्वरुप में पर्सा जिला के ठोरी गाविस को २ नम्बर प्रदेश से ३ नम्बर प्रदेश में समायोजन किया गया जिसका ठोरी निवासियों ने स्वागत किया । नेपाली काँग्रेस और सीपीएन यूएमएल के नेता का कहना है कि ठोरी को परसा में होना चाहिए । जिका विरोध ठोरीवासी कर रहे हैं । कार्यक्रम में सहभागियों ने पेश किए हुए अन्तिम विधेयक में ठोरी को गुमनाम करने का आरोप लगाते हुए असंतुष्टि जनाई है । कार्यक्रम में ठोरी गाविस के स्थानीय समिति के जवाहरलाल कार्की, देवजंग पण्डित, राजकुमार सिलवाल, महेश गौतम,विर बहादुर, टुक प्रसाद दहाल आदि की सहभागिता थी सबने अपने अपने मंतव्य दिए । इस बीच कार्यक्रम समन्वयक प्रकाश खनाल तीन महीने पहले किए गए काठमान्डू में गठन किए गए बहुपक्षीय संघर्ष सहयोग उपसमिति में एक सर्वदलीय समिति गठन करने के लिए समर्थन प्रदान किया है । संयोजन समिति प्रतिनिधि काठमान्डू से ठोरी क ी और जो कुछ समस्याएँ लेकर आए प्रतिनिधियों का समर्थन किया है यह जानकारी उप सहसंयोजक राजकुमार सिलवाल ने दी । संघर्ष का कार्यक्रम लेकर संघर्ष समिति के पदाधिकारी कल काठमान्डू आ रहे हैं यह जानकारी भी दी ।

