Fri. Jun 26th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

बलूचिस्तान के मुद्दे पर पाकिस्तान को भारत का करारा जवाब

 

नई दिल्ली/इस्लामाबाद. pak-1_1471543124

बलूचिस्तान के मुद्दे पर पाकिस्तान की तरफ से जारी एक बयान पर भारत ने करारा जवाब दिया है। पाक विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस बारे में बात कर पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘रेड लाइन’ क्रॉस की है। इस पर भारत के विदेश मंत्रालय के सपोक्सपर्सन ने गुरुवार को कहा- “यह एक ऐसे देश की ओर से जारी असाधारण बयान है जिसे अपनी ही डिप्लोमैसी में रेड लाइन की कोई समझ नहीं है।” इसके साथ ही भारत ने यह भी साफ कर दिया है कि फॉरेन सेक्रेटरी लेवेल की बातचीत का मसला अब पाकिस्तान के पाले में है.
– भारत के विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन विकास स्वरूप ने कहा- “सीमा पार आतंकवाद और घुसपैठ को लेकर पाकिस्तान का रिकॉर्ड ही आज समस्या की जड़ है।”
– “ऐसा केवल भारत का ही कहना नहीं है। कुछ और देशों का भी यही सोचना है।”
– “जहां तक फॉरेन सेक्रेटरी लेवेल की बातचीत का सवाल है तो अब यह मसला पाकिस्तान की कोर्ट में है।”
– “इस्लामाबाद यह तय करे कि वह सीमा पार आतंकवाद, जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जे और आतंकी शिविरों को बंद करने को तैयार है या नहीं।”

यह भी पढें   रूस के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर नेपाल के उपराष्ट्रपति रामसहाय प्रसाद यादव शामिल

– पाक के फॉरेन सेक्रेटरी एजाज अहमद चौधरी के कश्मीर पर बातचीत के ऑफर पर भारत का रुख फॉरेन सेक्रेटरी एस जयशंकर ने क्लियर किया।
– जयशंकर ने कहा-“बातचीत में फोकस जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को खत्म करने, हिंसा और आतंकवाद को शह नहीं देने पर ही होना चाहिए।”
– बाद में विकास स्वरूप ने भी कहा- “भारत के फॉरेन सेक्रेटरी ने यह साफ कर दिया है कि हम इस्लामाबाद की बातचीत की पेशकश स्वीकार करते हैं। लेकिन चर्चा सबसे पहले जम्मू-कश्मीर के बारे में हमारी ओर से उठाए गए अहम विषयों पर ही होनी चाहिए।”

पाक का जम्मू-कश्मीर पर कोई अधिकार नहीं

– स्वरूप ने साफ तौर पर कहा- “16 अगस्त को लिखे लेटर में फॉरेन सेक्रेटरी ने कहा है कि सबसे पहले पाकिस्तान के आरोपों को भारत सरकार पूरी तरह खारिज करती है।”
– “पाकिस्तान का जम्मू-कश्मीर में कोई अधिकार नहीं है और यह भारत का अभिन्न हिस्सा है।”
– “पाकिस्तान ने एक पेशकश की है, हमने उस पर रिस्पॉन्स दिया है। अब यह उन पर डिपेंड करता है कि वे इसे आगे बढ़ाएं।”
– “लेटर में यह भी कहा गया है कि पब्लिकली एक्टिव पाक आतंकियों को हिरासत में लेने और उन पर केस चलाने का विषय भी बातचीत का हिस्सा होना चाहिए।”

यह भी पढें   वेनेजुएला भूकंप – मृतकों की संख्या १८८ , १५ सौ से ज्यादा घायल

पाकिस्तान के इस बयान पर भड़का भारत

– दरअसल, पाक विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन नफीस जकारिया ने कहा- “पीएम मोदी ने बलूचिस्तान के बारे में बात कर रेड लाइन क्रॉस की है।”
– “पाकिस्तान अगले महीने यूएन की जनरल असेंबली के सेशन में कश्मीर मुद्दे को जबर्दस्त ढंग से उठाएगा।”
– जकारिया ने वीकली न्यूज ब्रीफिंग में मोदी की बलूचिस्तान पर टिप्पणी को लेकर एतराज जताते हुए इसे यूएन चार्टर का वॉयलेशन बताया है।

यह भी पढें   फीफा विश्वकप – रोनाल्डो के शानदार दो गोल, पुर्तगाल की ५–० से जीत

– इंडिपेंडेंस डे (15 अगस्त) को लाल किले से पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी स्पीच में PoK और बलूचिस्तान का जिक्र किया था।

– मोदी ने कहा था, ”पिछले कुछ दिनों में बलूचिस्तान और पाक के कब्जे वाले इलाके के लोगों ने जिस तरह से मुझे बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है इस पर मैं उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।”
– बता दें कि मोदी ने कुछ दिन पहले कश्मीर मसले पर ऑल पार्टी मीटिंग में कहा था, ”पीओके भी भारत का हिस्सा है। गिलगित-बालटिस्तान और बलूचिस्तान में पाकिस्तान जो हिंसा कर रहा है, उसके बारे में भी बात होनी चाहिए।” इस पर पीओके और बलूचिस्तान के लोगों ने मोदी का शुक्रिया अदा किया था।

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *