शहीद के सम्झना में शहीद सफ्ताह शुरु
माघ 11 काठमान्डू
विभिन्न राजनीतिक आन्दोलन के क्रम में जीवन को प्रवाह न करने वाले शहीद के सम्झना में आज से शहीद सफ्ताह शुरु की हैं । माघ १० के दिन ही योद्धा शुक्रराज शास्त्री ने मुलुक में प्रजातन्त्र की प्राप्ति के लिए टेकु के पचली में जीवन बलिदानी के आहुती दी थी । तत्कालीन जहानियाँ राणा शासक ने वि. स. १९९७ माघ १० गते शास्त्री को पचली स्थित वृक्ष में मृत्युदण्ड की सजा दी थी । इसी तरह माघ १३ गते के दिन सिफल में धर्मभक्त माथेमा तथा माघ १५ गते के दिन दशरथ चन्द और गंगालाल श्रेष्ठ को शोभा भगवती में गोली मारकर हत्या की थी ।
सात दिन शहीद सप्ताह मनाने के बाद माघ १६ गते शहीद दिवस मनाया जाता है । प्रत्येक वर्ष माघ १० गते से सात दिन तक शहीद सफ्ताह मनाया जाता है ।


