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न युद्ध न शांति डाेकलाम विवाद

 

१२अगस्त

भारतीय सेना ने चीन से लगती अपनी पूर्वी सीमा पर आपरेशनल तैयारी बढ़ा दी है। यह जानकारी शुक्रवार को सूत्रों ने दी। चीन ने भारतीय राज्य सिक्किम और भूटान की सीमा से लगते डोकलाम पठार पर सड़क बनाना शुरू किया तभी से दोनों में तनाव बना हुआ है। डोकलाम पर दोनों देश पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

तैनाती के बारे में जानकारी देने वाले सूत्र ने कहा कि उन्हें तनाव की उम्मीद नहीं है। दोनों तरफ के करीब 300 सैनिक कुछ ही फीट की दूरी पर आमने-सामने हैं। परमाणु शक्ति से लैस दोनों पड़ोसियों के बीच टकराव बढ़ने के आसार नहीं हैं, लेकिन नई दिल्ली और सिक्किम में सूत्रों ने बताया कि सतर्कता के लिए सैन्य अलर्ट स्तर को बढ़ा दिया गया है। मामला संवेदनशील होने के कारण यह कदम उठाया गया है।

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दोनों देशों के बीच जून से विवाद चल रहा है। चीन के निर्माण दस्ते को डोकलाम क्षेत्र में सड़क बनाने का प्रयास करते पाया गया। इस क्षेत्र पर भूटान और चीन दोनों दावा करते हैं। भूटान के साथ विशेष समझौता होने के कारण भारत ने निर्माण रोकने के लिए अपनी सेना भेज दी। इस बात से नाराज बीजिंग ने भारत से बिना शर्त अपनी सेना वापस बुलाने के लिए कहा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रशासन ने चीन की चेतावनी की परवाह नहीं की। मोदी प्रशासन ने कहा कि भारत, भूटान और चीन की सीमा के समीप सड़क बनाए जाने से उसके पूर्वोत्तर क्षेत्र पर खतरा पैदा हो जाएगा।

सूत्र ने कहा कि सेना ऐसी स्थिति में आ गई है जिसे ‘न युद्ध न शांति’ कहा जाता है। एक सप्ताह पहले पूर्वोत्तर कमांड में सेना की सभी टुकडि़यों को आदेश जारी किया गया। जवानों को ऐसी स्थिति में रहने के लिए कहा गया है जो युद्ध के लिए निर्धारित है। भारत हर साल सितंबर और अक्टूबर में इस तरह का आपरेशनल अलर्ट जारी करता है। इस साल पहले ही यह सक्रियता दिखाई जा रही है।

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