मधेश पिछडा हुआ है इसकी वजह मधेशी नेता हैं : शालीग्राम सिंह (भिडियो सहित)
काठमांडू , पतंजली आश्रम | शालिग्राम जी पेशे से इंजीनियर रह चुके हैं, राजनीति में इनकी गहरी रुचि है और काँग्रेस से जुडे रहे हैं और आजकल पातंजलि आश्रम से आबद्ध हैं । प्रस्तुत है पातंजलि से आबद्ध श्री शालीग्राम सिंह जी से हुइ बातचीत का अंश उन्हीं के शब्दों में नेपाल की राजनीति किसी एक क्षेत्र को लेकर राजनीति नहीं की जा सकती है अक्सर यहाँ की राजनीति में यह देखने को मिलता है कि नेता कभी पहाड कभी तराई, कभी हिमाल तो कभी मधेश को लेकर की जाती है । जबकि नेताओं को समग्र देश के लिए राजनीति करनी चाहिए । नेपाल की राजनीति की दशा और दिशा की ट्रेक एक नहीं है । नेता चाहते हैं कि उनकी स्वार्थ पूर्ति होती रहे । जनता को सक्षम नहीं बनाना चाहते हैं । उन्हें लगता है कि अगर जनता सक्षम हो गई, शिक्षित हो गई तो उनका वर्चस्व खत्म हो जाएगा । इसलिए उन्हें उनकी दशा में ही रहने देना चाहते हैं ।
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मधेश के लोगों की गरीबी और अशिक्षा का ही फायदा लेना चाहते हैं । इसी को भजाकर अपना पेट भर रहे हैं । मधेश आज तक पिछडा हुआ है और इसकी वजह मधेशी नेता हैं । उनकी नीति सही नहीं है मधेश को लेकर । अगर इनकी सोच सही हो जाय तो मधेश के विकास को रोका नहीं जा सकता है । मधेश एक सनातन प्रदेश है न तो इसके अस्तित्व पर शक किया जा सकता है और न ही इसकी राष्ट्रीयता पर । कभी कभी जो कुछ पार्टी के नेता राष्ट्रीयता का सवाल उठाते हैं वो सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए । उनके दोगला चरित्र है यह जिसका भुगतान मधेश की जनता को भुगतना पडता है । यह मधेश का दुर्भाग्य है । आज मधेश बाढ से जूझ रहा है जिसके लिए नेता, जनता, सरकार सभी दोषी हैं ।
मैं वर्तमान में पातंजली से आबद्ध हूँ । यह देश जडी बूटियों का खजाना है । हम जो करना चाहते हैं उसमें सरकार और मीडिया हमें सहयोग नहीं कर पा रही है । यहाँ के पातंजली को लेकर कई अपवाहें फैलाई जाती रही हैं । यह कहा जाता है कि इसका फायदा बाहर जाने वाला है पर यह सरासर गलत है । यहाँ का सारा फायदा यही रहने वाला है शून्य प्रतिशत भी बाहर नहीं जाता है । कभी कभी हमारे उत्पादन को लेकर भी भ्रांतियाँ फैलाई जाती हैं । मेरा अनुरोध है कि ऐसी गलत अपवाह ना फैलाएँ । अगर शंका है तो जाँच कराएँ, गलत उत्पादन है तो हमारा उत्पादन बन्द करा दें । आज मधेश में जो विपदा आई है हम अपनी क्षमता के अनुसार वहाँ अपनी सेवाएँ दे रहें हैं । लंगर चलाने की व्यवस्था की जा रही है, कपडे, कम्बल, पैसे तथा खाने का सामान आदि हम अपनी सक्षमता के हिसाब से वितरण कर रहे हैं । आप देखिए कि योग और पातंजलि के उत्पादन को लोग कितना चाहते हैं । गुरुदेव का यह मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ देश का निर्माण कर सकता है । इसलिए योग करें निरोग रहें और देश सेवा में तत्पर रहें । नेपाल में आज भी हमारे स्वयंसेवक हर रोज जगह जगह पर सुबह योग कराते हैं और लोग उत्साह से उसमें सहभागी होते हैं । आप आयुर्वेद के प्रति लोगों के प्यार और विश्वास को इस तरह समझिए कि आज हमारे कालेज में जितनी सीट है उससे कहीं अधिक छात्र यहाँ आना चाहते हैं पर हम उनकी इच्छा पूरी नहीं कर पाते हैं । आज तो डाक्टर भी अनुलोम विलाम और कपालभाँति करने की सलाह देने लगे हैं । यह सब बढते योग का प्रभाव है । हम चाहते हैं कि पूरा विश्व रोगमुक्त हो । अंत में हिमालिनी का धन्यवाद आपने मुझे मेरे विचारों को सम्प्रेषित करने का अवसर दिया ।

