मदरसे में माैलवी करते हैं बच्चाें का याैन शाेषण एक रिपाेर्ट पाकिस्तान से
केहरोर पक्का, एपी।

पाकिस्तान की रहने वाली कौसर परवीन आज भी जब अपने 9 साल के बेटे की खून से सनी पैंट को याद करती हैं तो सिहर जाती हैं। कौसर परवीन के 9 साल के मासूम के साथ उसे पढ़ाने वाले मौलवी ने कुकर्म किया था। उस वाक्ये के बारे में बात करते हुए वो रोते हुए अपने आंसू पोछती हैं।

कौसर ने बताया कि उनका बच्चा कहरोर पक्का कस्बे में पास के ही एक मदरसे में पढ़ता था। उस मदरसे में केवल दो कमरे थे। अप्रैल के महीने में एक रात उनका बेटा अचानक उठा तो देखा कि उसे पढ़ाने वाले एक मौलवी उसके बिस्तर पर थे। बच्चे ने बताया, ‘मैं हिल भी नहीं सका। मैं काफी डरा हुआ था।’
मौलवी ने उस बच्चे की शर्ट ऊपर उठाई और फिर उसकी पैंट उतारी। बच्चे ने बताया “मैं रो रहा था। वो मुझे तकलीफ दे रहे थे। उन्होंने शर्ट को मेरे मुंह में ठूंस दिया।” बच्चे ने अपने स्कार्फ के जरिए बताया कि कैसे मौलवी ने उसका मुंह बंद कर आवाज को दबा दिया था। बच्चे से जब पूछा गया कि क्या तुम्हें छुआ गया तो उसका जवाब हां में था। क्या जब उसने छुआ था, तुम्हें दर्द हुआ तो उसने हां कहा और रोने लगा। वहीं जब बच्चे से पूछा गया कि क्या तुम्हारा रेप किया गया तो उसने हां में जवाब देते हुए अपना मुंह छिपा लिया। इसके बाद उसकी मां कौसर अपने बच्चे को गोद में लेकर चुप कराती हैं और खुद भी रो पड़ती हैं।
गौरतलब है कि न्यूज एजेंसी एपी ने पाकिस्तान में मदरसों में यौन शोषण पर रिपोर्ट तैयार की है। कौसर परवीन से बातचीत भी इसी रिपोर्ट का हिस्सा है।
एपी की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ऐसे मामलों में दोषियों पर कार्रवाई करने से कतराती है। स्थानीय समुदाय में मौलवियों के प्रभाव और यौन शोषण के शर्मिंदगी की वजह होने के कारण भी ऐसे मामले सामने नहीं आ पाते हैं।
पाकिस्तान के मदरसों में यौन शोषण पर वहां के एक मंत्री का कहना है कि मदरसों में ऐसे सैकड़ों वाकये हुए हैं। ये बहुत आम है। लेकिन ऐसे मामलों को सामने लाना बहुत खतरनाक हो सकता है।
दैनिक जागरण से


