मधेशवादी दल के कारण ही संविधान संशोधन नहीं हो रहा हैः डा. भट्टराई
सिरहा, २० मार्च । नयाँ शक्ति पार्टी के संयोजक डा. बाबुराम भट्टराई ने कहा है कि मधेशवादी शक्तियों के कारण ही आज संविधान संशोधन संबंधी मुद्दा कमजोर बन गया है । उनका मानना है कि अभी मधेशवादी शक्ति को संविधान संशोधन नहीं सत्ता आवश्यक है । मंगलबार लहान में नयां शक्ति द्वारा आयोजित ‘प्रदेश नं. १ और २ को लुम्बनी बैठक भाव सम्प्रेष्ण’ कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए डा. भट्टराई ने कहा– ‘उस समय संविधान के विरुद्ध ‘ब्याल्कआउट’ करनेवालें शक्ति ही आज हाथ जोड़कर सत्ता की भागबण्डा में शामील हैं । जिसके चलते संविधान संशोधन संबंधी मुद्दा कमजोर हो रहा है ।’

कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए संयोजक डा. भट्टराई ने कहा कि संविधानसभा राज्य पुनःसंचरना समिति और राज्य पुनःसंरचना आयोग के प्रतिवेदन को आधार मान कर संघीयता को व्यवस्थापन करना चाहिए । उन्होंने आगे कहा– ‘जातीय एकता कायम करते हुए तत्काल संविधान संशोधन करना चाहिए, तब ही देश में शान्ति स्थापना, विकास और समृद्धि सम्भव हो सकता है । अन्यथा देश पुनः द्वन्द्व में फंस सकता है ।’ डा. भट्टराई को कहना है कि मधेशी, थारु, आदिवासी, जनजाति और खसआर्य सहित मुख्य कलस्टर को समावेश कर समानुपातिक प्रतिनिधित्व सहित का राज्यसत्ता बनना चाहिए । डा. भट्टराई को यह भी कहना है कि एमाले–माओवादी केन्द्र सम्मिलित बाम गठबंधन के नेतृत्व में देश में समृद्धि और विकास सम्भव नहीं है ।

