मिथिला की ‘मकर’ मेला आज से शुरु
जनकपुरधाम, २० जनवरी । धनुषा जिला स्थित उत्तरपूर्वी क्षेत्र धनुषाधाम में आज से ‘मकर मेला’ शुरु हो गई है । यह मेला माघ महीना के हर रवीबार लगता है । मेला में सिर्फ धनुषाबासी ही नहीं, भारत से भी हिन्दू धर्मावलम्बी आते हैं । मेला में आनेवाले भक्तजन माघ महीना के हर रवीबार यहां स्थित धनुष मन्दिर में पूजाआज कर भक्तिभाव में लिन हो जाते हैं ।
मकर मेला की सन्दर्भ भगवान राम और देवी सीता के साथ जुड़ा हुआ है, जो राम और सीता की शादी का सन्दर्भ से जोड़कर देखा जाता है । और विवाहित बेटी और मां की मिलन से जोड कर भी देखा जाता है । मिथिलाबासी मां और बेटी की मिलन के लिए कामना करते हुए इस पर्व को मनाते हैं । इसके अलवा आपसी प्रेम में रहे प्रेमिल जोड़ी की विवाह के साक्षी के रुप में भी मन्दिर को लिया जाता है ।
यह स्थान जनकपुर से १९ किलोमिटर उत्तर–पूर्व में है । किंवदंती के अनुसार त्रेता युग में जब राजा जनक ने बेटी सीता के लिए वर छनौट के लिए पिनाक धनुष उठाने के लिए प्रतियोगिता आयोजन किया, जहां भगवान राम भी संलग्न थे । उस समय जब राम ने धनुष उठाया तो धनुष ३ टूकड़ो में टूट गया । उस तीन टूकड़ो में से एक टुकडा धनुषाधाम में गिर गया था, जहां धनुषा–बाबा का मन्दिर बन गया । मन्दिर निर्माण होने के बाद यहां माघ महीनों के आइतबार मेला लगती आ रही है । मेला में तराई के विभिन्न जिला, सीमावर्ती भारतीय शहर के अलवा अमेरिका, थाइल्याण्ड, सिंगापुर से भी भक्तजन आते हैं ।

