वरिष्ठ साहित्यकार एवं अन्वेषक शिव रेग्मी का ७८ वर्ष की आयु में निधन
वरिष्ठ साहित्यकार एवं अन्वेषक शिव रेग्मी का ७८ वर्ष की आयु में २१ फरवरी काे निधन हाे गया है । नेपाली साहित्य जगत के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है ।
विक्रम संवत् १९९८ असोज १ में काठमाडौँ में जन्में रेग्मी काे साँस लेने में कठिनाई हाेने पर उपचारार्थ काठमाडौँ मेडिकल कलेज में ले जाया गया जहाँ उनका निधन हाे गया यह जानकारी नेपाल साहित्यिक पत्रकार सङ्घ के निवर्तमान अध्यक्ष रोचक घिमिरे ने रासस काे दी ।
चीनी और उच्च रक्तचाप से पीडित हाेने पर भी उन्हें काेई खास समस्या नहीं थी । ब्रेनहेमरेज के कारण उनके निधन हाेने की जानकारी अस्पताल ने दी है । स्व रेग्मी का पशुपति आर्यघाट में अन्त्येष्टि किया गया ।
‘नेपालमा आम सञ्चारको विकास ,२०५८’ नामक कृति प्रकाशित है । ‘भूपि शेरचनका कविता’, ‘गोरखापत्र सय वर्षका १०१ कथा’, ‘शारदाका सम्पादकीय विचारहरु’, ‘नेपाली क्रान्तिकको भूमिकै भूमिका’, ‘शङ्कर लामिछानेका निबन्ध’, ‘गोरखापत्रका १०१ निबन्ध’, ‘कमल दीक्षितको दुष्टिः दृष्टिकोण’ आदि उनके द्वारा सम्पादित कृति प्रकाशित हैं । शिव रेग्मी जी काठमांडू से हिंदी में प्रकाशित होनेवाली हिमालिनी पत्रिका क विशेष सलाहकार भी रह चुके थे
उन्हें गोरखादक्षिण बाहु और त्रिशक्ति पद से विभूषित किया गया था।


