भारत से आए वरिष्ठ नागरिकों का काठमांडू में सम्मान (फोटो फिचर)
काठमांडू, २८ फरवरी । भारत से नेपाल भ्रमण में आए वरिष्ठ नागरिकों का नेपाल में सम्मान किया गया है । हिमालिनी मासिक (काठमांडू) और पं. तिलकराज शर्मा मेमोरियल ट्रस्ट (दिल्ली, भारत) द्वारा बुधबार ललितपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में ४ दर्जन से अधिक वरिष्ठ (जेष्ठ) भारतीय और नेपाली नागरिककों को सम्मानित किया गया है ।

नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव तथा सूचना तथा संस्कृति विभाग (पीआईसी) प्रमुख अभिषेक दूबे के प्रमुख आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में नेपाल भारत मैत्री समाज के अध्यक्ष प्रेम लस्करी, राष्ट्रीय जेष्ठ नागरिक महासंघ के पूर्व अध्यक्ष डा. गौरीशंकरलाल दास, महासंघ के महासचिव छत्रबहादुर प्रधान, वरिष्ठ साहित्यकार डा. कृष्णजंग राणा, सुशील केडिया विश्वभारती (डीएभी) के अध्यक्ष अनिल केडिया आदि गणमान्य व्यक्ति अतिथि के रुप में थे ।

प्रमुख अतिथि तथा अन्य अतिथियों ने आगन्तुक वरिष्ठ भारतीय नागरिकों को अंगवस्त्र ओढाकर तथा प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया । कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए पीआईसी प्रमुख दुबे ने कहा कि ज्येष्ठ नागरिकको का सम्मान करना सभी का दायित्व बनता है । उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के पास जो अनुभव और ज्ञान होता है, वह समाज और देश को आगे बढाने के लिए उपयोगी होता है ।

प्रमुख अतिथि अभिषेक दूबे का मानना है कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान से ही समाज और देश सम्मानित हो सकता है, इसीलिए उन लोगों के योगदान की कदर करनी चाहिए । उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा दिल की भाषा है काव्य की भाषा है । भले ही बाजार की भाषा न हो पर जब आप थक कर आते हैं तो काव्य और साहित्य आपको सुकून देते हैं जो अपनी भाषा मे हो तो और भी रुचिकर होता है ।

इसी तरह राष्ट्रीय जेष्ठ नागरिक महासंघ के पूर्व अध्यक्ष डा. गौरीशंकर लाल दास ने कहा कि जेष्ठ नागरिक जहां का भी हो, उन लोगों के ज्ञान, क्षमता और अनुभवों के सम्मान से ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है । कार्यक्रम में वक्ताओं ने नेपाल–भारत बीच रहें समान संस्कृतिक और साहित्य के बारे में भी चर्चा की । भारत से आए वरिष्ठ नागरिकों की ओर से बोलते हुए ।

भीमराज शेखावत ने कहा कि नेपाल भारत का संबंध अटूट है और हमे यहां आ कर बहुत अच्छा लगा । शुभकामना मन्तव्य के क्रम में ही डी ए बी के अध्यक्ष श्री अनिल केडिया ने नेपाल का महत्व और परिचय देते हुए कहा कि विद्यालय प्रांगण आप सबका स्वागत कर धन्य है । हमे खुशी है कि हम इतने सम्मानित व्यक्तित्व का सानिध्य पा रहे हैं । इसीतरह कार्यक्रम में हिमालिनी मासिक की सम्पादक तथा त्रिभुवन विश्वविद्यालय की पूर्व अध्यक्ष डा. श्वेता दीप्ति द्वारा लिखित पुस्तक ‘भारतीय एवं पाश्चात्य काव्य शास्त्र’ के बारे में भी परिचर्चा की गई ।

शंकरलाल केडिया फाउन्डेसन की सहयोग से प्रकाशित उक्त पुस्क के बारे में डीएभी हिन्दी विभाग प्रमुख पुरुषोत्तम पोखरेल और पद्मकन्या कैम्पस की अध्यापिका कञ्चना झा ने समीक्षात्मक टिप्पणी किया । पुस्तक के बारे में चर्चा करते हुए पोखरेल ने कहा कि निःसंदेह यह पुस्तक नेपाल के हिंदी साहित्य के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगी ।क्योंकि यहां हिंदी की पुस्तकें सहज उपलब्ध नही होती हैं ।
कार्यक्रम में डॉ आभास लाभ ने हिंदी और मैथिली गीत की प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया । कार्यक्रम का कुशल संचालन डी ए बी हिंदी विभाग की शिक्षिका इंदु ठाकुर जी ने किया ।कार्यक्रम का समापन हिमालिनी के प्रबंध निदेशक श्री सच्चिदानंद मिश्र के अध्यक्षीय भाषण के साथ हुआ । आपने सभी का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अपनी आत्मिक खुशी व्यक्त की ।

