Sun. Dec 8th, 2019

प्रदेश नं. १ की राजधनी विराटनगर या धनकुटा ?

विराटनगर, ६ मई । प्रदेश नं. १ की राजधानी विराटनगर रखना है या धनकुटा ? इस विषय को लेकर प्रदेशसभा में ४ प्रस्ताव पंजीकृत की गई है । सत्तारुढ दल नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) समर्थक नेताओं की ओर दो और प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के नेताओं की ओर से दो प्रस्ताव पंजीकृत है । आधिरिक रुप में नेकपा की ओर से प्रस्तावित उक्त प्रस्ताव में स्थायी राजधानी, कार्यपालिका–व्यवस्थापिका लगायत संरचना वृहत विराट क्षेत्र अन्तर्गत रहे विभिन्न स्थलों में रखने के लिए भी प्रस्ताव की गई है ।
नेकपा के प्रमुख सचेतक बुद्धिकुमार राजभण्डारी की ओर से इस तरह की प्रस्ताव पंजीकृत की गई है । प्रस्ताव के समर्थक में लिलम बस्नेत, राजकुमार ओझा, यशोदा अधिकारी और विजय कुमार विश्वास रहे हैं । लेकिन नेकपा द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव में नेपाली कांग्रेस ने विरोध किया है । कांग्रेस को कहना है कि प्रदेश संरचना को विभिन्न जगहों में विभाजन कर रखना ठीक नहीं है ।
कांग्रेस के प्रमुख सचेतक केदार कार्की ने प्रस्ताव किया है कि विराटनगर को ही स्थायी राजधानी रखना चाहिए और सभी प्रादेशिक संरचना भी यही होना चाहिए । कार्की द्वारा प्रस्तुत इस प्रस्ताव को संघीय समाजवादी के जयराम यादव और कांग्रेस के शिवनारायण गन्गाई समर्थन किया है ।
इसीतरह धनकुटा को स्थायी राजधानी मांग करते हुए नेपाली कांग्रेस के ही लीला सुब्बा ने तीसरा प्रस्ताव पंजीकृत किया है । इस प्रस्ताव को कांग्रेस के ही प्रकाशप्रताप हाङ्गाम और संघीय समाजवादी के रामचन्द्र लिम्बु ने समर्थन किया है । इसीतरह धनकुटा को ही स्थायी राजधानी बनाने के लिए सत्तारुढ दल नेकपा की एक नेता की ओर से भी प्रस्ताव पंजीकृत की गई है । नेकपा के नेता निरन राई की ओर से प्रस्तावित प्रस्ताव को इन्द्रमणि पराजुली और कुसुमकुमार श्रेष्ठ ने समर्थन किया है ।

Loading...

 
आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: